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Summary
इस देश के युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता हुई है, उस पर सुनवाई होनी चाहिए। लेकिन मानिने मुख्य नियायदीस ने कहा कि वो रूची नहीं रखते उन वीडियो को देखने में और सवाल है कि आखिर जिम्मेदारी किस की है।
“आखिर जिम्मेदारी किस की है?”From the report
अगर आप भी मेरी तरह अपने देश से प्यार करते हैं तो इस वीडियो को सबसे पहले सेव कर लीजिएगा क्योंकि मैं जो बात कहने वाला हूँ वो बहुत जरूरी है। वो वेक्ति इस्थीफा दे और अपनी गद्धी छोड़ दे लेकिन अभी हो क्या रहा है इस देश के उस युवा को जिस पर प्राउड करना चाहिए था उसे सडकों पर पीटा गया उसे पुलिस द्वारा पीटा गया उसको देश की राजनितिक सत्ता में बैठे हुए लोगों द्वारा इग्नोर किया गया तीसरा देश की कानून व्यवस्था में जिम्मेदारी को निभाने वाले मानिनिय मुख्य नियायदीस नियायमूर्ती जी ने कहा जाता है जिनकी जिम्मेदारी ये बनती है कि वो इस देश के उस हर नागरीक के अधिकारों का सन्रक्षन करे जो इस देश का नागरीक है और इस देश में पैदा हुआ है मानिने मुख्य नियायदीस ने आज जो बात कही वो देश के तमाम युआओ के दिल को ठेस पहुचाती है जब सुप्रीम कोट में ये दलील रखी गई कि देश के युआओ के साथ जिस तरह की बरबरता दिल्ली में हुई उस पर सुनवाई होनी चाहिए मानिने सहाब ने कहा कि वो रूची नहीं रखते उन वीडियो को देखने में ये सवाल बहुत बड़ा है इस देश के युआओ के लिए इस देश के युआओ की चिंता आखिर कौन करेगा जब पुलिस नहीं समझ रही, सरकार नहीं सुन रही और देश की नियाय पालिका भी इसमें रूची नहीं रख रही तब इस देश के युवाकिस सुनेगा कौन? ये सवाल जरूरी है इस सवाल सम्विधानिक तरीके से पूछिये ये देश की किताबे, ये देश का सम्विधान लोगों से बना है जब इस देश के लोगों को इग्नोर किया जाएगा तब सवाल बनता है आखिर जिम्मेदारी किस की है