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Summary
ग्वालियर में महिलाओं के चित्रों में जो दीवाल पे बने हुए उनके निजी अंगो को जानबूज कर निशाना बना कर खराब किया गया सोचो हमारे इस देश में जहां पे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे लगते हैं उसी देश में ऐसे दरिंदे भी रहते हैं जो ये गंदगी वली हरकते करते हैं
“ये तो हमारे इस देश का दुरबाग गया है कि महिला की जो पेंटिंग है ना वो भी इस देश में सुरक्षित नहीं है”From the report
पहले मैं ये सोचता था इस देश में महिलाएं बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद और ये जो घटना हुई है, इसको सुनने के बाद, मुझे ये भी समझ में आ गया कि भाई दरिंदों की जो मानसिक्ता होती है न, वो पेंटिंग पे भी बढ़ास निकाल सकते हैं सोचो इस देश में एक दीवार पे जब पेंटिंग बनी हुई है उस दीवाल पे ऐसी गंदी घिनोनी हरकत करी है न कुछ चंद लोगों ने जो की इंसानियत को सर्मसार करने वाली हरकत है यह गटना ग्वालियर की है जहां पे महिलाओं के चित्रों में जो दीवाल पे बने हुए उनके निजी अंगो को जानबूज कर निशाना बना कर खराब किया गया सोचो हमारे इस देश में जहां पे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे लगते हैं उसी देश में ऐसे दरिंदे भी रहते हैं जो ये गंदगी वली हरकते करते हैं और ये किसी इंसान की मामूली हरकत नहीं है ये उस मानसिकता उस गिनोनी मानसिकता को जलकाता है जो इंसान के अंदर पनप्ती रहती है ये तो हमारे इस देश का दुरबाग गया है कि महिला की जो पेंटिंग है ना वो भी इस देश में सुरक्षित नहीं है लेकिन फलाल अभी सरकार के द्वारा उन पेंटिंग्स को दुबारा से ठीक कर दिया गया लेकिन सवाल अभी वही है इन दरिंदों की सोच कितनी घिनोनी है और ये किस हद तक गिर सकते हैं सोचो एक पेंटिंग के परती ऐसे विचार हैं तो एक लड़की के परती इन लोगों के अंदर कितने बुरे विचार रहते होंगे