Part of a cluster — open full story hub

Summary
Summary coming soon.
From the report
गोधी मीडिया की रसी जल गई लेकिन बल नहीं गया प्रोटेस्ट देखकर गोधी मीडिया की तमाम पत्रकारों की चाल है ना वो धीरे धीरे ठीक होने लगी यह शुसान से ना है यह बता रहे हैं कि मैं चात्रों के एकदम साथ हूँ हम उनके मुद्दे के साथ हैं लेकिन धर्मिन प्रधान ने कहा तो था कि हम दुखी हैं चात्रों की कुछ खुशी से यानि चात्रों का समर्थन भी करके दिखाना चाहते हैं और अपने जो मालिक हैं उनको बचाना भी चाहते हैं यह लोग अपनी हरकत से बाज नहीं आएंगे यही शुशान सिना छात्रों को हिंदु विरोधी बता रहे थे यही शुशान सिना बता रहे थे कि यह छात्र नहीं उपद्रवी है यह लोग पुलिस को पर हमला कर रहे है और यही शुशान सिना 20 तारीक के बाद अब थोड़ा सा अपनी चाल को ठीक करते हुए बैलेंस बनाने के बोलना है कि हम चात्रों के मुद्दे के साथ तोमिशा से हैं लेकिन धर्मेन प्रदान का स्तीफा नहीं हो पाएगा क्योंकि वो अकाउंटबिलिटी ले तो रहे हैं ऐसे ही आप डटे रहेंगे ना तो ये तमाम गोधी मीडिया के जो पत्रकार है ना ये धीरे धीरे ठीक होने लगेंगे आप एक बाद ध्यान रखिए जब फैक्ट्रिया बंद थी कोविड में तो देश की नदियां साफ हो गई थी अब जब ये गोधी मीडिया के चैनल बंद हो जाएंगे ना तो देश का महौल अपने आप साफ हो जाएगा ये वही गंदा नाला है जो इस देश की मानसिक्ता को दूशित कर रहा है और इस नाले पे सीमेंट लगाने का वक्त आ गया है