Part of a cluster — open full story hub

Summary
अलख सर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का 90% पीसफुल तरीके से प्रदर्शन किया, लेकिन 4-5% लोग थे जो बाहर से आए हुए थे और उनके पास कोई परसेप्शन नहीं था। उन्होंने कहा कि दिक्कत यह है कि बच्चों को लाठी मारकर सलूशन नहीं निकलेगा।
“बच्चों को लाठी मारकर सलूशन नहीं निकलेगा।”From the report
आपको लगता है कि इसके बीच में पॉलिटिक्स भी अपना काम कर रही है, बहुत सारे पॉलिटिक्स इसमें हो रही है और अपना स्कोर सटल करने की कोशिश हो रही है। देखिए ये कर रहे हैं पर अगर एक Democratic country है तो opposition का ये काम भी है कि अगर कोई मुद्दा है तो उस मुद्दे को उठाएं उस मुद्दे की बीच में और मुद्दे नहीं लाने चाहिए ये भी मुझे लगता है देखिए अगर कहीं भी डेमोक्रेसी है तो लीडर ऑपोजिशन है ऑपोजिशन का काम ही है यही है कि भाई जनता की आवाज को और उपर तले जाए पर इन बच्चों की जिम्मेदारी है जैसे एक चीज मैं बोलूंगा कल से मैं टीवी पर सिर्फ क्या देख रहा हूं कि ऑप तो डायलॉग स्टार्ट करने में इसको में रहना कि भी हम बात नहीं करेंगे हम अपरेस कर देंगे हम प्रोटेस खत्म है बच्चों को यह कहां मैंने लगता है 90% बच्चों ने बहुत पीसफुल प्रोटेस किया यह तो सबको मानना पड़ेगा 90% बच्चों ने 4-5% लोग थे जो पता नहीं कहीं और से इंफिल्ट्रेट हुए बाहर से आए जो भी थे उनके नहीं पता कहां से किसी को नहीं पता क्या परसेप्शन चल रहा है मैं यह कह रहा हूं अब दिक्कत है इसको एक्सेप्ट ना होगा छरड़े बच्चों को लाठिवा मार के सलूशन नहीं निकलेगा