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Summary
जंतर मंतर पर हज़ारों की भीड़ के बीच BJP-AAP समर्थक भिड़ गए। छात्रों ने नई शिक्षा नीति की आलोचना की और सरकार से जवाबदेही मांगी।
“सरकार को अपनी अकाउंटेबिलिटी लेनी चाहिए और चुपचाप निकल जाना चाहिए।”From the report
जिस दिन शियासतदारों से हकदारों का अधिकार मांगा जाएगा, उस दिन सड़क से लेकर संसद तक हर एक इमारत थर्थराएगा, जिस दिन निकल पड़ेगी जनता लेकर पता का नी श्विमान का, उस दिन क्या होगा इन रायनिती के दलालों का, समाज के तताकती ठेकदा तीपा नहीं हुआ लेकिन बाद में माफी मांगी और कहा भाई और मेहनों मेरी कुछ तपस्य में कमी रहेगी तो इस देश में दुरभाग हो चुका है पैदा होना सवाल उठाना क्योंकि अगर सवाल हम उठाते हैं तो हम कोई देश द्रोही कहते लेकिन आज एक मंच मिला है अभी 23 तारीक को 3 बज के 11 मिनट का वक्त हो रहा है दोपहर का और यह जनतरमंतर की स्थिति है आप बीड़ देख सकते हैं चारों करफ़ में है प्रोटेस्टर्स है और आज गर्मी है बहुत ज्यादा उमस है दिल्ली में सभी हल्की बारिश स्थीर और इस तीसरे स्पीज रटी हुए हैं यहां पर यहां पर हम अब यहां पर सारे लोग खड़े हुए हैं और हम उसे चलिए बारे-बारे से बात करते हैं अब आप से बात कर सकते हैं क्या नाम है नाम नहीं लेना चाहूंगी फाइन वेयर कमिंग सम वेस्ट डिली वेस्ट डिली एवं यू स्टूडेंट क्या पढ़ रही है नेट के जरिए अपनी बात करें तो आप इस प्रोटेस्ट में क्यों आए थे फर्स्ट एंड फॉरमॉस तो जो नीट वगैरह के बच्चे जिनने उन्हें सुसाइड करी थी उनके लिए और बस वह एंड गोल नहीं है एट लीस्ट चीज पीछा पता नहीं पर जो बाकी छात्र वगैरह है उनके लिए यह हमारा आखरी लक्ष्य नहीं है हमारे लिए और जैसे कि मैं डीजिएशन हूं तो मैं जाती हो कि जो और सेंटरल यूनिवर्सिटीज वगैरह हमारी और भी आवाज़े उठे जैसे न्यू एजुकेशन पॉलिसी जो आई है जिस अधिक रधान के उसके पेनियोर के अंदर आई थी वह हमें बिल्कुल भी पसंद नहीं आई उसके वजह से हमारा ही साहसुद हमारे साथ बहुत ज़य होता है और इसकी साथ वह हमारे साथ լहुत ज्यादा प्रेशर वजह रखता है हमारे दिमाग पर ऐंड और पस्टरीड बात नहीं है पेपर लीख पूरे देश में हो रहे हैं यहां पर तो एक ही ईमाज तो मेरे को बहुत प्रिवेलिंग दिखाई देती है वह दिखाई देती है धर्मिंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकिन गवर्नमेंट यह समझते आप कैसे यह समझते हैं यह एक रजिगनेशन जो है वह सारी तीने ठीक कर देगा जब लाल बादु शास्ति वापस आ गई थी नहीं होती है कि हमेरे तैनियोर के अंदर जब मैं यहां पर तो कुछ गलत हुआ है तो उसकी अकाउंटेबिलिटी लेना जरूरी है हम कॉलेज के अंदर कुछ गलत करते हैं तो हमें हमें सस्पेंड करते हैं कुछ आपके साथ एक्शन लिया जाता है इस समय उस सबसे टॉप पर वह है फिर मोदी जी है फॉर्स बट धीरे-धीरे हम स्टार्ट करें दुमेंद्र पतान का स्तीफा इसलिए ताकि प्रेसिडेंट सेट हो एक जुडीशल प्रेसिडेंट होता है हमारा parliamentary president भी होना चाहिए कि अगर किसी ने गलत किया है हमारे cabinet के अंदर तो उसको अपनी accountability लेनी चाहिए और चुपचाप निकल जाना चाहिए क्योंकि उनको पता है कि तुमारे tenure के अंदर गलती हुई है इतने सारे बच्चों की suicide हुई है तो तुम उसको मानो और खुद से ह लेगा और हम अगर ले लेते हैं तो यह गलत प्रसिडेंट कर देगा तो करें वह पूरे से पूरे में सिखाया गया है एक गवर्न डिमोक्रिसी गवर्नमेंट फॉर द पीपल बाय द पीपल तो एन ऑफ द पीपल तो यहां पर जैसी जनता चाहेगी अब क्या नाम है अपनी नाम ठीक कोई बात नहीं मसला नहीं है आप पढ़ती है पढ़ रही है बच्चों को पढ़ा रही है बच्चों कर रही है पढ़ रही है अच्छा आप सब्सक्राइब कर दो सब्सक्राइब कर दो सब्सक्राइब कर दो आप आपको इस प्रोटेस के बारे में कैसे पता लगा कैसा आना मतलब कि और कितने कब आई हैं पहले बारे में कि आज पहली बार आई है क्योंकि क्या किस वजह से एक्जाम चल रहे हैं नहीं मतलब 20 तारीख को जो लाटक चार्ज हुआ उसके कर रहे थे बट मैं भी आई हूं फिर भी क्योंकि मुझे आना देखिए कॉस्ट मुझे अपना कॉंट्रीबूट करना है लोगों के साथ क्योंकि मेरा भी आगे जाकर कुछ फ्यूचर होगा तो उस चीज में चीजें बहुत सारे अलग-अलग है यह और भाई है क्या नाम है भाई आपकी में अपना मैसेज हापुर से आया हूं सर यहां इलजंतर मंतर पर यह जैसे न्यूज पिंच पिको भी मैं सोशल मीडिया पर देख रहा हूं इंस्टाइग्राम पर एक मतलब सुरुआत से ही और अब भी शैदी बहुत लेकर इतनी सब्सक्राइब नहीं ही नहीं है इसमें अलग सब्सक्राइब की सभी बात का जवाब देने में हमलों की वहीं लगा रहे हैं जो क्यों नहीं पैपर लीजना सब्सक्राइब किलेगा किस तरीके से नहीं होना चाहिए यह कोई एक आम दर्ना नहीं है और जो सरकार बोल रही है सरकार का तो पहले यह बीच टेटमेंट था कि पेपर लीक अब हमारे सरकार में जो हो रहा है कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि यह और पहले भी कांग्रेस सरकार में और उत्तर प्रदेश में अखिले सरकार में भी पेपर लीख हुए लेकिन आप और हम सभी यह पूछना चाहते हैं कि जो पविष्चय में यह आने वाली सरकार होती है क्या वह इस चीज पर अपनी सरकार बनाती कि पुर्व में जो एक्जाम सरकार लीख होती थी वह हमारे दोर में भी एकजाम लीख होंगे कि यह बता लीजिए सारे जो पहले है सरकारों के में मंत्रालियों में एकजाम लीख होते थे क्या वह एकजाम जरूर यह कि आगे भी फ्यूचर में भी लीख होंगे और सरकार जो बोल रही है कि ऐसे स्तिफा हो जाएगा जो चार लोग धन्यवाद करेंगे यह चार लोग नहीं है सर और यह कोई भी मुद्दा यह ऐसा नहीं है स्पेसिफिक मुद्दा किसी कास्ट का रिलीजियन अपने पीछे छुता किया है सब्सक्राइब लोग दो लोग लो लोग कर रहे हैं वह तो बगड़ा जैसे पर कहावत है वह बना दिया जा रहे हैं इसमें जरूरत है जो इनका लीड कर रहा है लीडर है जैसा मंत्रालिया में अब अगर धर्मेंद्र प्रधान का स्थिति पहुंचाता है तो और जो लोग मिनिस्टर अपना पद चला रही मंत्रालिया चला उनमें भी यह डर बैठेगा कि अगर हमारे मंतृ आलिया में गलत काम होगा तो जैनजी और जो भी लोग प्रोटेस्ट कहते हैं कि यहां पर क्या चल रहा है किस तरीके से और यह आपका मनोज कुमार आपने यह चीज जस्टिस सुरिकांध जी लगा रखा है और यहां पर यह जो जहां से यह पूरा का पूरा मसला शुरू हुआ वह एक चीज जस्टिस का बयान था जिसमें कहा गया जिनमें जो प्रोटेस्टर थे उनको कॉकरोज कहा गया था इसके बाद में यह सारा का सारा मोवमेंट शुरू हुआ एक तरीके से और वह धीरे-धीरे इंस्टाग्राम और तमाम सोशल मीडिया साइट्स पर जोर पकड़ता तो अब यह पोस्टर जो है वह दिखा रहा है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्टून बना हुआ जिसमें यह कहा जा रहा है कि मैं पूछता हूं क्या जरूरत थी उन्हें कॉकरोज बोलने के लिए आपने यह पोस्टर ही क्यों चूट मैंने इसलिए चोच किया, उन्होंने सही कहा, हम बहुत दिन से सो रहे थे, आज हमें जो स्चीप जस्टिस्ट आई है, सुरकान जी है, हमें जगा दिया, यह वाकी में हम लोग कोकरोज हैं, और मैं इन्हें कहना चाहूंगा कि इन्होंने ठीक बोला, बहुत दिन से यूथ हम जल से जल पोटेस्ट जो हो और इस तीपा बदला पता इस तीपा दे आपका क्या नाम है मनोज कुमार नोवेडा जी प्रशिक्र सब्सक्राइब प्रशिक्राइब पर भी तो होते ही रहते हैं अभी जल्दी 72 का जान होने वाला था पोस्टपॉट हो बाई रेगुलन एकजाम होती है बिहार में नाचे से कुछ हो पाती है बाई आप सिस्टम जैसी आप कल देखा होगा कल कोटेस्ट हुआ बाई बच्चों के दिक्कत थी बच्चों का टाइम पर एकजाम लो टाइम पर सब कुछ करो मर नहीं बिहार में इतनी परिशायन ठीक होती है इतनी पर चाहिए युवा परशान है और इसमें से गुर्मेंटी गलती है भाई आप एक एक जाम नहीं समाल पाते तो देश क्या संभाल पाओगे यह इनका कहना है कि अगर एकजाम अगर आप ठीक से नहीं करवा पा रहे हैं तो देश कैसे सामालेंगे तो आइए और थोड़ा सा इधर हम प्रोटेस्ट की साइड पर चलेंगे हम आपको दिखाते हैं यहां पर मेडिकल कैम्प हां भाई शुकूल से आ गए हो शुकूल से आ गए वह प्लास में पड़ता हूं आपके लिए 11th क्लास प्रतिप्ताओं पीसेंट रखी मैंने इसी हम ले रखी है और यहां पर प्रोटेस्ट में प्रोटेस्ट मारो तो इसको बंक कर