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Summary
नौजवानों ने जंतर मंतर पर हिंसा और नारों के साथ प्रदर्शन किया, जिसमें प्रधानमंत्री की मां को गाली देने और अन्य अपमानजनक नारे लगाने के लिए कहा गया।
“लोकतंत्र को बचाए रखना, प्रोटेस्ट को डेमोक्रेटिक तरीके से करना”From the report
मैं सबसे हाथ जोड़ का निवेदन है कि जो भी इस प्रोटेस्ट में आ रहे है उन ऐसामाजिक ततवों का इससा ना बने नेपाल बनाना चाहते हैं कुछ आप में इस क्लाज ने बनाना चाहते हैं नितॉने बनाना सकते हैं जो लोग यह धुनिष्ट देख रहे हैं यह बच्चे रंगिया पढ़ने वाले निपाल बना देंगे इंदुस्तान बंगला देश बना देंगे वो अपना ख़ब किसी ताले में, साथ ताले में बंध करके डाल दें. ये डेमोक्रेटिक बच्चे हैं, डेमोक्रेसी के जरीए अपनी बात रखें. इसी डेमोक्रेसी की वज़े से आज आप देश के प्रधानमंत्री से सवाल पूछ सकते हो, तो देश के सिख्षा मंत्री से सवाल पूछे और सबसे सवाल पूछ सकते हैं तारीक 23 जुलाई की हो चुकी है रात के 3 बज रहे नमस्ते अब पांडे नाम मेरा और आप देख रहे हैं न्यूस पेंच जंतरमंतर से तक्रीबन 300 मीटर दूर हम रहे हैं पूरी सडक पटी है लोग सडकों पर सो रहे हैं और लोगों का आना जाना कम नहीं हो रहा है और यह स्थिति तब है जो लोग यहां रुके हुए जब इंटरनेट बंद है उसके बावजूद यह बिना इंटरनेट के एक मिनट ना गुजार पाने जेनरेशन यहां टिक हुई है मैं यहां से पैक अप करके जा रहा है हमारी बैटरी भी ना होने यह कुछ बच्चे मिले जिन्होंने कहा कि भागा कुछ बात आपको बतानी इस प्रोटेस्ट से जुड़ी हुई जो आज और कल में हुआ तो बताओ क्या तुम्हारा मेरा नाम प्रियांशु वर्मा है मैं अमेटकन नगर अयोधिया के पास से हूं मैं क्या कहना चाहता हूं भाई यह कहना चाहता हूं इस प्रोटेस्ट को आपको अलग-अलग मीडिया कितना भी नेरेटिव सेट कर लें मगर कोई भी आदमी ग्राउंड पर आएगा जो यहां पर देखेगा वह उसको रॉयन रियल देखेगा यह देखेगा कैसे एक मां आई है कैसे किसी की बहन आई हुए कैसे सारे स्टूड यहां पर आकर जोड़ रहे हैं और अपनी मुद्दे को लेकर वह किसी एंटी नेशनल और जो प्रोपोगेंडा है वह अब जीत दीप के या फिर सीजेपी इससे उनको उससे कोई मतलब नहीं है उनको अपने नेरेटिव मुद्दे से मतलब है कि हम एजुकेशन के लिए आए एजुकेशन में बदलाव आना चाहिए आप अब यह बताओ जो शाम में हुआ या गल जो सीपी पर जिस तरीके से कुछ लोग तलवार लिए हुए थे उसको आप लोग कैसे देखते हो बहुत गलत है यह तो मैं मानता हूं कि आपको जो कॉपरेट करना पड़ेगा सरकार के साथ अगर आप ही जो है इस तरीके से करने लगेंगे सरकार आपकी मांगें कैसे पूरी करेगी और किसी भी तरीके की हिंसा करना चाहिए वह सरकार के दौरा हो चाहिए वह पब्लिक के दौरा हो इसको सरासर जो है गलत ठहराया जाता है मैं भी इसका समर्थन नहीं करता कोई भी प्रोटेस्ट परसेंट होगा तो कहीं पर एक दो परसेंट के लोग होंगे जो उनका माइंसेट थोड़ा एग्रेसिव होगा तो वहीं अगर मीडिया सिर्फ उसी को दिखाएगी तो हर प्रोटेस्ट खराब हो जाएगा बताओ जिसे आपको नहीं लगता कि कुछ इसमें ऐसे तो भी घुस गए हैं पिछले दो दिन में या मुझे जहां तक लगता है जो पॉलिटिक्स की बात है तो पॉलिटिक्स कहीं ना कहीं अपने लोगों को भेजते हैं कि आप जाओ इनके प्रोटेस्ट को कुछ ना कुछ हद तक खराब कर सको जहां आप कर सकते हो लेकिन फिर भी इस यहां के लोगों ने यहां के स्टूड जो यहां पर आए हुए वह सीजीपी के मतलब में नहीं यहां के जो खुद बच्चे आए हुए उन्होंने बहुत हद तक इसको रोका है मैनेज किया है तभी सब तक यह आज यहां पर पहुंचा हुआ जब दस जार पांजार लोग रहते हैं तो सब कंट्रोल कर सकते हो जब लाखों में हो जाए और जब अधर स्टेट से लोग आ रहे हैं कुछ लोग पार्टी से भी आते हैं थोड़ा बहुत हिंसा होती है 20 तारीख तक चार बजे पार्टी से नहीं इस पूछ लिया बच्चों नहीं है वह किसी ना किसी पार्टी से कर देखिए कांग्रेस और जो सबक अगले सिर्फ को गस्तित ले गई पूलिस तब से उनकी पार्टी के लोग आए हैं इस प्रोटेस में ही सावने है तब से ने अभी आज साम को भी नारा लगाया है उन लोगों ने ओर हम लोग नाराबाजी यहां करने नहीं आए बच्चे यहां बच्चे सिर्फ कोशिक लिया है वह सेंसिटिव है बहुत इमानदारी से सिर्फ इस्तिवा मांगने आए एक बात में बता दूं जैसे बात कर रहें हमारा इंटरनिक दिंदाबाद भारतमाता की जय वंदे माहतरम धर्मेद पधान इसके अलावा जो भी नारा नहीं जो जिसकी जो मतलब जिनका यह है कि बस कैसे भी करके आप प्रोटकेंट अपलाइन जिनका काम है वहीं उसमें रहते हैं तो यहां पर मैंने भी अभी देखा सब जाएगा तो बहुत ज्यादा एंटी मतलब बीजेपी वाले एलियमेंट पहले प्रोटेस्ट कर चुके हैं साहीन बाग और भी बहुत ज्यादा जगह पर जहां किसाना लोगल में फिर वहीं वहीं है मतलब एक तरह से प्रोटेस्ट ही हो रहा है बट जो लोग घूश रहे हैं धीरे-धीरे छोटे-छोटे में लोग अलग-अलग जो वहां पर नारे भरलाएद चाहिए वह आपने बताएं दो तीन चार नारे लग रहे हैं वह ठीक है लेकिन हो परधानमंत्री जी हो हमारे देश भले वह अभी तक कोई संजय में नहीं लिए है जो भी घटना हुई है लेकिन हमारे देश के जरूर वह सरवश्य पद पर हमारे देश के कम से कम उस व्यक्ति के अनुसार जो पद है उसकी घर में आप कीजिए उनकी मां आप गाली दे रहे हैं वह 75 साल के बुज़ूर्ग आदमी उनकी मां को आप गाली दे रहे हैं जो कि इस दुनिया में बहुत ही नहीं तो यह पूरी तरीके से जो है आपको जो है यह पूरा मिनटेजेट और जितने भी लोग ऐसा काम कर रहे मेरा भारत है कि वह इस प्रोटेसक को कहीं भी सफोर्ट करने नहीं है वह पूरी तरीके इस प्रोटेस्ट को बिगारने आया है ताकि सरकार की जो नजर है वह इस प्रोटेस्ट से तो कल को यही लोग एंटी नेशनल कहेंगे तो इन्हीं को फिर तकलीफ होगा कि आपने जो है इनकी वजह से हमारा दिखाया नहीं गया जो बच्चा अंकेश अंकेश बहुत सत्य मात यहां आफ करके अगर कोई प्रधानमंत्री की मां को गाली देगा प्रधानमंत्री को गाली देगा वह सरसर गलत है कोई स्टूडेंट सफर्ट करूंगे मैं दिल्ली अनुवेस्टी का अर्थसास्थ स्विवाक प्रोफेसर हूं मैं ज्जारखण से विलों करते आपने हमारे राजों को बहुत अच्छा दिखाया वहां का कमया बहुत दिखाया बहुत ज्यादा पेपर लिख होता है आज तक वह एक भी एकजाम अच्छा स्निवा अभी के बारे में बोलों कोई सरकार नहीं करना भी कि वहां बागी जब एप बारे में देश नियुक्त है जो भी इसलिए हम जुबी सरकार होती सब्सक्राइब बहुत है अभी मैं यहां सब्सक्राइब कर दो ने आपको देखा इसलिए रुक आ गया मैं अभी यह मेरे स्टूडेंट में इसके साथ मैं कहीं जा रहा था इनके साथ मैं आपको देखा रुक गया उधर से राउंड लेकर आया 90% जो प्लेकर्स जो पोस्टर लेकर घूम रहे इतना गंदे-गंदे उसमें चीज लिखा हुआ है तो यह चीज तो यह तो चीज तो हमें करना है नहीं चाहिए जो हम लोग सांति पर विश्वास रखते हैं तो यह सब चीज करना नहीं चाहिए हर मेरी मां उतना ही पॉटेंट है जितनी आपकी मां उतने नमोजी की मां है अब यदि मैं कि अपने मोजी कमाव गाली दे रहा हूं तो मैं अपने मां को गाली दे हमारा सिख्षा है नहीं हमारा यह अपडिंग है तो यह सब चीज में विश्वास रखना चाहिए बस खर्यों बाबू यह जो आपतिजनक नारे और यह सब लग रहे हैं मेरे ख्याल से इसकी क्रेडिबिलिटी खत्म कर रहे हैं प्रोटेस्ट यह मास मोटिवेटेड प्रोटेस्ट है कॉज रिलेक्टेड प्रोटेस्ट है और इसको वहीं रहने देना चाहिए और इसका आधार है तो यह जो यह जो बच्चे यहां सो रहे ना अलग-अलग राज्यों से आए जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं है फूटपाथ पास हो रहा है यह सिख्षा व्यवस्था के लिए लड़ने के लिए आए हैं यह जैनुई लोग लेकिन लेकिन लेकिन वह लोग जो सिर्फ अपना पॉलिटिकल एजेंडा सेट करना चाहते हैं जो पहले से एंटी बीजेपी एंटी मोदी है मुझे कहने में बड़े नहीं है हम जब बात कहते तो पूरी सत्यता से बात करते वह आकर के बच्चों के बीच में नारा लगा रहे यह मैंने अपने आँखों के सामने देखा यह बहुत सारे बच्चे रोते हैं रोकते हैं उनको एक यहां दारू पीकर आया हुआ था उसको इस बच्चे ने रुका तलवार लेकर रखा था आकर दिन भर का संघर्ष हम लोगों का बरबाद करते हैं रात होता वैसे यह लोग आते हैं तफरी काटनी है यह कुछ यह कुछ लड़के भी होते हैं जो जबरजफती भाग कर लगते यह क्या हुआ पर यह मजाक कर रहे हैं वह तब शुभी लड़के देखने लगे आए आप दौर लगता है लगता है कि कुछ हो गया तोक लग रहा है मैं सबसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि जो भी स्प्रोटेस्ट में आ रहा है उन ऐसा समाजिक तत्वों का हिस्सा ना बने जो किसी को भी चाहे अमारे पृधानमंत्री हो या कोई भी ओने गाली दे रहा है कृपया करके सब्सक्राइब और यह जगह ना और नहीं है तो कृपया करके इसको एक यह सांतिपूर्वक धर्ना प्रदर्शन है उससे ऐसा धर्ना प्रदर्शन ना बनाएं कि हमारे दूसरे देशों तक हमारी अलोचनाएं हो सब और एक बात और मैं कहूंगा जो लोग भी कर रहा था कि आकर कर रहा था यह जो आकर न थी to the दुष्पन थी यह तुम लोग जो है तुम लोग जो है यहां आकर करके यह जो बच्चे लाठी खाए न इन इनकी लाठी ओकर जो इनकी चमड़ियां चटकी हुई न उसका मदाक उड़ाने आए तुम ना आकर के जो लोग प्रधानमंत्री को गाली दे रहे हैं जो इस अजीब-अजीब से गंदे-गंदे नारे लगा रहे हैं यह जो आसपास के लोकल है और खास करके जो रात में आते हैं और दिन में आकर के इनको भटकाने कोशिश ने इंटरनेशनल सौ कभर कर रही है हमारा देश बाहरा बहुत प्यार बहुत मुश्किल सजा दी था आप में से कितने लोगों जो देश को निपाल बनाना चाहते हो भारत-देश इतना प्यारा है अब यह गांधी का देश था पर बदलाव भी उसी तरह से कि जो जो लोग यह खूब देख रहें न यह बच्चे हैं यह पढ़ने वाले जो लोग यह खूब देख रहे कि निपाल बना देंगी हिंदुस्तान को बंगलादेश बना देंगे वह अपना खुआब किसी ताले में साथ ताले में बंद करके डाल दें यह डेमोक्रेटिक बच्चे है डेमोक्रेसी के जरिए अपनी बात रखें और यह भारत देश है यहां के लोग इतने जागरुख है कि उनको कैसे प्रोटेस्ट को चलाना है अगर हमें करने होते तो हम यहां क्यों होते हैं आज इतनी रात में हम यहां क्यों है सांति से खड़े क्यों है और यह लोकतंत्र का ही पावर है कि हम लोग किसी को भी कुछ बोल सकते हैं लोकतंत्र को बचाए रखिए लोकतंत्र प्यारा चीज है मंदिर से भी बहुत हचार मैं एक बात बोलूंगा अगर दर्शक हमारे देखते हैं तीन बजे यह जब में रिकॉर्ड कर रहा हूं तो यह बात बहुत खुल के बोलता हुआ इंडिया डेमोक्रिसी डेमोक्रिटिक कंट्री है इसी देश के प्रधानमंत्री से सवाल सकते हो चांदा नहीं कर सकते हैं नियुक्त अपना प्रोटेस्ट और इनके प्रोटेस्ट को डेमोक्रेटिक रहने दो तुम लोग अपना एजेंडा फिर बाद में निकाल लेना तुम जो लोग बीजेपी या सिर्फ मोदी विरोध के लिए आते हैं और वह वह अपना काम जो यह ना इन बच्चों के बीच में आकरो शर्म कर लो यह बच्चे लाठी खाखा करके यहां बैठे हुए हैं तुम लोग इनके प्रोटेस्ट को बर्बाद करने आया हो जबकि सीजेपी के लीडर्स ने सुना मंच से उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन नारा लगेगा इंकिलाब जिंदाबाद और भारत माता जय वंदे मात्रम और दर्मय प्रजान इस्तिपातों यही मैंने देखा आश्टोष रांकान ने भी यह बात बोली उदर से फिर अभी दीपके ने भी यही बढ़ाई तो कम से कम और इससे क्या हो रहा है कि बाकी जो लोग है मौका मिल रहा है इनको जितना बदनाम किया सके कर लो यह मतलब आप भगवान के लिए ऐसा मत करो अगर आप मानते हो भगवान में आप इन देश में के बारे में मांते हो तो प्लीज आप प्लोटेस में आओ पीसफुली आओ मगर आप यह मचाओ कि हम इसको बना सूझा बग्वानया अल्लागुरू जिसमें भी माते हैं जीज जिसमें मान थे किसी भी रिलिजियां से और किसी भी काट से यह प्रोटेस्ट आप कोई डे गैंट ऐसा वह किसी की रिलीजन नाइक पर एकरान को इनके चेहरों को दिखा लें यह लड़का यह लड़के हैं के सरकार बोलती नहीं होगा अगर जनता के और सरकार के बीच में तो फिर डिमोक्राशी कासर कोई मतलब नहीं रह जाता डिमोक्राशी परिक्षा यह है कि सिर्फ प्रोटेस्ट करें यही परिक्षा अनिय शरकार उसका जवाब कैसे दे रही डिमोक्रेटिक परिक्षा है सरकार भी उसी तरीके से अगर हमारे सवालों का जवाब देगी तभी यह कंट्री डिमोक्रेटिक रहेगी समझना चाहिए कि उससे एकाउंटेविल्टी मेंटेन करनी पड़ेगी क्योंकि इस देश की जनता बहुत ज्यादा पड़ी लिखी है आप इसको ऐसी बरगला नहीं सकते हो आपको बताना पड़े तो 2004 का बॉन है और यह वह जो पोस्टर देखोगे ना वह जिनसी बनाए हैं उससे आप देखोगे लड़के लिखे आते हैं अकाउंट बिल्टी तो एक लड़की फोटो पर हम पर तो आई नो तो यह इस तरह की क्रिएटिविटी के साथ प्रोटेस्ट कर रहे हैं और जो आप अति जनक नारें लिख रहे हैं जो वह स्कूल सटल करने की कोशिश करें मैं खुलकर बता रहा हूं बीजेपी से मोदी सरकार से करने की कोशिश कर रहा है जो पुराने प्रोटेस्ट में पुराने चुनाव में उसे विफल रहे हैं राजनीतिक पार्टी नियुक्त से प्रमालु संपन्न देश की बाहर बैठी ताकते हैं या जो इन इमोशन ट्रिक हुआ गलत दिशा में ले लेकिन उस सब से उन सारी ताकतों से आपको सतर्क रहना पड़ेगा देश परमानु संपन देश है हिंदुस्तान की बुनियाद बहुत मजबूत है और ये उसी बुनियाद का नतीजा है लड़के आज दिल्ली की सरकार के छाती पर बैठ करके सवाल पूछ रहे हैं यह उसी उसी बुनियात का नतीजा है लेकिन इस बुनियात के जड़ में जो मठ्ठा डालने की कोशिश कर रहे हो ना मैं कहूंगा असली देश द्रोही वह लोग है मैं जो भी लड़के हैं इधर जो बाहर लड़के हैं उनको तीफ किया कि कोई जाता है तो यहां फुलिस को बुलाकर उन्हें पकड़वा हो या उनको पीसफुली बाहर निकाल दो इसकी सिच्चा व्यक्ति से बिल्कुल मतलब नहीं है जो एडुकेशन सिस्टम से बिल्कुल जुड़े हुए नहीं है सिर्फ उनको एक प्रोपोगेंडा क्रिएट करना है सिर्फ एक पॉलिटिकल नेरेटिव सेट करना प्लीज फॉर गॉड सेक आप यहां पर मत आना नहीं चाहिए विव नोट टू कम टू अशो वर्ड भीड़ भीड़ के लिए नहीं आना चाहिए हमारा जो कर्तभ है जैसे आपका कर्तभ भी आप अपने कर्तभ निभा रहे हो एजए सिटीजन हमारा जो कर्तभ दोप निवाना चाहिए भीड़ नहीं दिखाना है रियलटी दिखाना है हम लोग यहां पर सिर्फ नीट का जो डिगनेशन है उसको मांगने के लिए बात ताकि मैं भी आज हम चापड़ा से चापड़ा से जो है और यहां पर तौप मैं यहां कोई अजय कि क्या यह थी और क्या गलत चीज दे crimc यहां पर गलत चीज यह है कि जनबुद से यहां पर ऐसा नेरेटिटिव सेट किया जा रहा है कि यह पूरा प्रोटेस्ट ही एंटी-नेशनल है इस को जनबुद के बाहर से फंडिंग किया जा रहा है यह कि इस चीजें पूरी गलत है मैं जानता हूं मेरे रिलेटिव मुझे कॉल कर रहें कि मैं दिल्ली आ जाऊं यहां पर कि इतने जो लोग हैं उनमें हम भी जॉइंट कर लें यह प्रोटेस्ट हम भी जॉइंट कर लें क्या यह सही है तो मैं जान बुचकर उनको बुलाता हूं मैं जान बुचकर सहट तक ऐसे भी ट्रेन पकड़ लूं कुछ भी करो कॉल बस आ जाओ रहे मेरे पास रह लेना मेरा रुम है मैं सब कुछ हैंडल कर लूंगा बस तुम लोग यहां पर क्योंकि फिर हम लोग यहां पर सब्सक्राइब और आपका है उल्ले जब लाठीयां चल रही थी नै सुलिश राजनीतिक लोग यहां नहीं थे किसी नेता को आप पिट नहीं देखा होगा कोई जो ए पॉलिटिकल एक्टिविस्ट यह नहीं तहता कितने पिटे थे सबने बच्चे ट्रैडेड स्कूल रखने सवगार बातचीत के रिमुद करते मित करते हैं और अदेशुंद थे। देखने के पीछे मेरे पाड़ने में पांडू लेते हैं मेरा इसीलिए यह बच्चे राद के तीन बजे में एक करके बात कर रहे हैं यह कुछ कहना चाहते हैं जो सच है इस प्रोटेस्ट का वह आप तक मैं पहुंचा दूं देखते रहे न्यूस पीन शुक्रिया अगर कोई आपको प्रोटेस्ट में हो और कोई इस तरीके के एलिमेंट दिखते हैं उनको फिगर करो उनको पकड़ो उनको बाहर करो उनको पुलिस को दो वो प्रोटेस्ट का चेहरा कता ही नहीं है तो देखते रहें न्यूस पर शुक्रिया