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Summary
नेपाल और बांगलादेश के जैसा कुछ भारत में नहीं हो सकता, देश बरदाश नहीं कर सकता, मॉरल सपोर्ट बाहर से मिल रहा है, खुआईश पाल नहीं है, जंतरमंतर पर प्रदर्शन जारी, दिल्ली पुलिस हेडक्वाटर के पास लालबत्ती चौराहा पर क्राउड पीछे था, वॉलेंटियर्स ने क्राउड को कंट्रोल किया हुआ था, शाम को प्रदर्शनकारियों ने पानी पीने के लिए पुलिस पर बोतलें फेंकीं, जिससे भीड़ में भयंकर उत्तेजना फैल गई।
“नेपाल और बांग्लादेश जैसा कुछ करने की कोशिश करने वाले को देश बर्दाश्त नहीं कर सकता।”From the report
कि अगर कुछ लोग यह चाहते हैं या सोचते हैं कि नेपाल जैसा कुछ यहां करेंगे बंगलादेश जैसा कुछ करेंगे तो यह देश वह बरदाश ही नहीं कर सकता यह जो इनको मॉरल सपोर्ट मिल रहा बाहर से अगर यह कोई खुआईश पाल नहीं यह नेपाल बना देंगे नेपाल और बांगलादेश यह बैड एग्जांपल सिर्फ नीट का पेपर नहीं सिख्षा व्यक्ति के खिलाब गुस्सा है अलाग-अलाग राज्यों में जो पेपर सबका एक साथ कलेक्टिव अब इस इमोशन को जाहिर सी बात है जो एंटी गॉर्वर्मेंट है या जो एंटी इंडिया सेंटिमेंट है वह बुनाने की कोशिश करेंगे जो लोग भी यह चाहते हैं कि ऐसा हो जाए इस संभव नहीं है यह एनार्की होगी और यह लोकतंत्र लोगों के खून पसीने से बना हुआ और आजाधी के नायकों ने से बनाया है तारीक तेज जुलाई है रात का दो बजरा है और यह जंतरमंतर के मांस मात्र पांच से मीटर दूर हम लोग खड़े हुए हैं और पिछले दो दिन से जो हो रहा है आपको सबकुछ दिखा रहे हैं 20 जुलाई को जो हुआ प्रतर्शन के बाद जो हुआ जो आशुगैस की गोली छोड़े गए उसके बाद पाथरा हुआ सब कुछ आपको ने दिखाया और इस वक्त में अगर आपको नजरा दिखाओ बताऊं तो फुटपाथ पर लोग सो रहे हैं प्रतरशन रुकने का नाम नहीं ले रहा है, भील बढ़ती जा रही है, भील घटने का नाम नहीं ले रही है, मगर पिछले दो दिनों में कुछ ऐसी घटनाई भी हुई, जिनकी चर्चा कम हो रही है, और हमें लगता है कि उन पर बात करना ज़रूरी है, बात इसलिए क्योंक नहीं होने चाहिए मेरे साती विनय सुलतान और अभिन्नों लगातार वह चीजें कवर कर रहे हैं मैं थोड़ा तब तरीन आसास थी मैं नहीं आ पाया पर हमें लगा कि वह वीडियो बनाना चाहिए तो वह वीडियो मना रहे हैं विनय खास अब एक चीज है कर दूंगा कि सौरभारे बहुत दिलेर साथी है रात के दो बजने को है इनको बुखार था कल दिन बर यह नहीं आ पाए और अभी जब हम यह बात कर रहे हैं तो यह कहते भूक लगी है तो यह कि खाना का लो फिर करेंगे नहीं पहले कर लेते हैं उसके बाद जो है खाना खाएंगे और बुखार है अभी भी पैर भाई कांप रहें खड़े नहीं लें जाकर इसको भर्ती करा तो ठीक है लेकिन यार मतलब यह हमारी पूरी टीम का और जो बच्चे भी हमारे साथ है बारें जजवे की बात है तो मुझे लगता है कि बीच में बता देना चाहिए दर्शकों को जिस इलाके में शूट करते हैं इस इलाके में इंटरनेट नहीं होता है और यहां से कैसे हम पहुंचाते हैं फील्ड और लोग कहते हैं लाइव लो अभी हम इतने संपन्न नहीं हुए कि हम ओवी वैन करीद लें या लाइफ का सेट अप हो जाए और यहां पर तभी तो फिलाल एकदम नेट बंध है तो बहुत मुश्किल होता आप तक वीडियो पहुंचाना खेर आप बात कंटीनिव कीजिए बात 20 20 20 रात हम तीनों वीडियो के समझाया था अब दो दिन बाद जो चीज सुल्टान ने देखी क्या देखा सुल्टान आज का पूरा दिन मैंने इस तरीके से देखा कि शुरुआत जब सुबह हुई थी जब मैं आया था जो संसद मार्ग यह रास्ता जो है इसको विपणसद मार्ग ही कहते हैं जहां पर भी हम लोग दिखा रहे थे और एक पॉइंटर मार्ग है जो कि जनपत कि तरह इसके जंतरमंतर की तरफ जाता है इस साइड की जो रोड है उसको जैसिंग रोड कहा जाता है यह दिल्ली पुलिस हेडक्वाटर जाती है तो वह जो लालबति है जो चौराहा पड़ता है जहां से मैं लगातार रिपोर्ट कर रहा था वहां पर शुरुआत में सुबह ऐसा था कि बहुत क्राउड जो है वह पीछे था लोग जो जो वॉलेंटियर्स थे वह यूमन चैन बनाकर उन्होंने एक तरीके से क्राउड को कंट्रोल किया हुआ था लेकिन शाम आते-ाते स्थिति यह हुई कि क्राउड में भयंकर मैंने एक वीडियो किया भी जन न्यूसपींट लोग देखेंगे तो उसमें यह था कि बॉटल्स भेंगी जा रही जो बॉटल बांटी जा रही थी पानी पीने के लिए वो बॉटल जो है वो पुलिस पर ही है मेरे बगल में 1 बटल आपकी कई लोग फैंक रहे थे तो यह इस क्षेष्म का प्रटंस और अचानक-अचानक से 15-20 मिनट फिर सीज़य लीडरशिप आती है उसको सांध कराने कोशिश करती है फिर जो है 20-25 मिनट बाद में कोई ना कुछ हो हो होकर और फिर जो है फिर से वह बॉटल बाजी फेंकना शुरू हो जाती है और यह हो कर रहा है जब दिल्ली पुलिस प्लीज बोला उससे बहुत चार्ज होगी ताइप बहुत बहुत ज्यादा जो है पहले बजाना शुरू किया फिर वाटल फेकना शुरू किया उसके बाद दिल्ली पुलिस को समझ में आ गया कि यह जो है हम अपील कर रहे हैं का उनके ऊपर उल्टा हैंते उन्होंने चीज पी की लीडर्सर को बुलाया है जो सीजेपी के प्रवक्ता है एंड्स उनको बुलाए गया उसके अलावा की मिल इडेट्सकों बंहाया भाजापता जो पुलिस वैन थी उसके ऊपर स्पीकर लगा कि उनको बुला गया कि अब क्राउड को मैनेज करिए शांत करने कोशिश करिए और वह कर भी रहे थे कोशिश और तमाम उन्होंने पहनते रहे अपना है नारे लगवाए कहीं एक सीज़ेपी के प्रवक्ता थे जो यह कह रहे थे कि ओम का चेंट करिए हमारे साथ इस किस्म के भी बातें हुई लेकिन उसके बावजूद जो है हर 15-20 मिनट बाद में हर 15-20 मिनट बाद में एक उत्तेजना की लहर आती थी और उसमें सारा जो है इनके सारे प्रयास जो है वह धराशाही होते हुए दिखाई दे रहते हैं और इस में हुआ ये सौरप की तकरीबन साथ साड़े साथ बजे के लगभग हमने जब सुरुवात में कवर किया था दरसल दो ढाई बजे के आसपास तो जो डेजिगनेटेट प्रोटेस्ट साइट है वहाँ पे एक पुलीस की बीट है उस पुलीस की बीट में कुछ पुलीस करमी ज 56 पर इजित हो रही है और उसके बाद में वहीं वहीं से एक टुकड़ी आ रही थी उसको फील्स घेर लिया गया पांच-शेल लोगों को यह दूंगा चार साढे चार बजे की बात है और उस समय फिर घेर लिया गया वहां से जैसे जैसे जो है बलेंटियर्स ने कैसे करके उनको सेफली निकाला और साथ साढे साथ की जो मैं घटना बता रहा हूं उसमें भी इसी तरीके से 5-6 पुलिस कर्मी फस गए थे और उनको चारों तरफ से भी ने खेल गया था आक्रामक भी ने उसके बाद पुलिस ने जो है वह टीर गैस शेल्ड जो है वह फायर कि उसके बाद आरेफ के जवान जो है उन्होंने लाठी चार्ज करके वहां से अपने साथियों को किसी तरीके से बचा के निकाला उसके बाद में भी उसके तकरीबन 15-20 मिनट बाद ही एक पुलिस कर्मी इसी तरीके से भीड में फस गया जो कि हम कैप्चर करने हमने उसको बकायदा उस पूरी घटना को कैप्चर किया उसको भी हमने न्यूस विंच पर डाला हुआ जो दर्शक देखना चाहेंगे वो भी देख लेंगे तो ये सिती अभी बनी हुई है कि जो प्रट राजनीतिक परियोग रहें गांधी जी के वह अहिंसक तरीके से वह वह आप चाहिए उसको अहिंसा का अतिरेक मान लीजिए लेकिन वह हमको समझ में आता है कि इतिहास में वह परियोग जो है वह सफल रहे उन्होंने दुनिया के से बड़े सामराज्य को घुटने में लाने में वह कामयाब रहे उसके बावजूद अब हम जो यहां पर देख रहे हैं अचानक से कुछ ऐसे लोग जो है हो सकता है मैं इस प्रोटेस्ट को किसी भी तरीके से खारीज करने की या इसको मीन करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं लेकिन यह भी एक असल बात है इस प्रोटेस्ट में कई सारे लोग ऐसे हैं जो जो अवसर देखकर और कर रहें और इस प्रोटेस्ट की चवी को बोर्टल फेंक के पुलिस के ऊपर हमला करके तो यह भी एक सचाई इस प्रोटेस की और बतोर पत्रकार हमको यह भी कहना जरूरी है कहना चाहिए यह फैक्ट हमको रिपोर्ट करना चाहिए शाम को मैंने देखा ही खबरें आई हैं कि सीपी के इस तरफ तलवारे चली था ना यह हिंसा का प्लस ने उसको रोका पुलिस और भी बेहत्व देखी कल भी इस चीजों को कल भी इसके शाम के वक्त जो है इसी किसी की यहां से यह क्या है यह सड़क एक मांतर यह रास्ता है जो कि खुला हुआ प्रोटेक्ट साइड के तरफ जाने से और उधर से जब जनपत मार्केट की तरफ से ट्रोल स्टॉप हमारा हुआ और बाकि संसित मार्क पूरी तरीके से बंद है जैसे मार्क पूरी तरीके से बंद है यह दो ही राष्ट्राएं सेश्न ये स्वभाग मांसिक ड्याक्ट लुख यहां पर यहां जैसे ही भी चार्ज कर रही थी कल शाम को भी इसी तरीके से फिर बाद में पुलिस के साथ में उनकी झड़प हुई कई पुलिस कर्मी अब यह हो ऐसी स्थिति हो गई है कि अगर भीड़ के बीच में 124 पुलिस कर्मी अगर चले 20 20 20 लाइक की होटिंग कर रहा है वेरोधदर्श करा रहा है या पुलिस को शेम शेम इस तरह नारे लग रहे हैं कि उस दिन जो हुआ उसे खुश नहीं है यहां तक ठीक है पर इसके अगर आगे अगर आप बोतल फेक रहे हैं या हिंसा करने कोशिश रहे हैं यह तलवार चलाने की कोशिश हो रही है इसको कैसे देखा जाना चाहिए देखो मैं इसके कॉज में जाना चाहूंगा चुकी 20 तारीख को जो इमोशन ट्रिक हुआ कि उसमें ज्यादातर कॉमनर्स थे मैं यह कहूंगा कि 10-15 पॉलिटिकल पार्टी के कार्यकर्ता थे सीजीएपी के वॉलिंटियर्स थे तमाम लोग थे लेकिन ज्यादा तरफ होता है तो थमने आपने सबने देखा कि कॉमन लोग थे उनके इमोशन दिखे उनको पीटा गया जिसकी बहुत आलोचना हो रही है देश में उस पर लोग सवाल पूछ रहे हैं और उसके बाद उनके प्रति सिंपैथी भी जाएगी सिंपैथी ले जाएगी कि आप देखो लोग अलग-अलग राज्यों से जो में टो से ब्लिंकट से उनके लिए ऑर्डर्स कर रहे हैं चीजों को भेज रहे तो एक तरीके से देखो कोई भी आंदोलन अगर लंबा खिषता है, तो आंदोलन लंबा के तभी खिष सकता है, जिसमें अनुशासन हो और राशन हो, खाने की चीजे मिल रही हो अनुशासन हो, चलो अगर वह बैलेंट होगा तो उसको सरकार उसी तरीके से करीड होंगी मैं बार-बार यह बात कह रहा हूं फिर से आ देता हूं देश की सरकार कोई भी आज नरेंद्र मोदी सरकार या किसी भी पार्टी सरकार हो और आ सबसे बड़ी ताकत है कि यह लोकतांत्रिक देश है या अपने फैसले डैमोक्रिटिक तरीके से लेता है और जो गॉर्मेंट लेकिन अगर कुछ लोग यह चाहते हैं या सोचते हैं कि नेपाल जैसा कुछ आधे बंगलादेश जैसा कुछ करेंगे तो यह देश वह बरदाशत ही नहीं कर सकता यह देश यह जो सपोर्ट को मिल रहा है यह जो स्टूड यहां जमा हुए हैं उनके खिलाफ फिर आउटरेस दिखने लग जाएगा यह जो इनको मोरल सपोर्ट मिल रहा है बाहर से अगर यह कोई खुआईश पाल ले कि नहीं यह नेपाल बना देंगे नेपाल और बांगलादीश यह बैड एग्जांपल है शुरू में हमको लगता था निकातबार कि यार यह छात्रों का अंदोलन लेकिन धीरे-धीरे समझ में आया कि नहीं यह बकायदा प्रोपोगेट किया जाता है वेस्टर ने इसमें इंट्रेस्ट होते हैं और वह अपने हिसाब से जो कुछ हिड़ेन ताकते हैं कुछ रिएंड चेहरे अब देखो क्या होता है कि यह कॉस्ट से शुरू एंड एक आंदोलन है आंदोलन इसलिए कि यह सिख्षा व्यवस्था के खिलाब