Part of a cluster — open full story hub

Summary
Summary coming soon.
From the report
देश में इन दिनों प्रतिरोध का मौसम चल रहा है जंतर मंतर पर अभिजीद दीपके की कौकरो जंता पाटी का अंदोलन जारी है इसमें हजारों छात्र अभिभावक, सामाजिक कारेकरता और अविपक्षी दल भी इस अंदोलन के साथ खड़ी नज़र आ रहे हैं सबसे बड़ी मांग एक ही है केंद्रिय सिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्तीफा दे. लेकिन अब ये आंदोलन सिर्फ दिल्ली की सडकों तक सिमित नहीं रहा. इसकी गूँज देश के अलग-अलग राज्यों में सुनाई देने लगी है. मसलन बिहार का ये वीडियो देखिए आपके मोबाइल स्क्रीन पर अब तक पहुँच भी चुका होगा सर आसु गैस की विवस्था नहीं है क्या इतना कहते ही पुलिस ने पानी की तेज बौचार शुरू कर दी लेकिन छात्र भागते नहीं है कोई उसी पानी में नाचनी लग जाता है, तो कोई हसते हुए कहता है, और तेज चलाईये सन देखते ही देखते, ये वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल हो जाता है किसीने इसे युवाओं का होसला का हाथ, तो किसीने विवस्था पर तंज कसा लेकिन इस वीडियो को सिर्फ एक वाइरल क्लिप समझना भूल होगे क्योंकि ये नाराजगी अब सिर्फ एक परिक्षा या एक पेपर लीक तक सिमित नहीं दिखती युवाओं का एक बड़ा वर्ग इसे रोजगार, लंबित भर्तियों, महंगाई और परिक्षा विवस्था पर लगतार उठ रहे सवालों से जोड़ कर देख रहा है यही वज़ा है कि दिल्ली से शुरू हुआ ये विरोध अब कई शहरों में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है नमस्कार मेरा नाम खुश्बू है और आप देख रहे हैं न्यूस पिंच सबसे पहले बात बिहार की करते हैं पत्ना में बुद्धवार को All India Students Association यानी आईसा ने लोकभवन मार्च निकाला बड़ी संख्या में चात्र गांधी मैदान से विधान सभा और की बढ़े प्रशासन ने उन्हें प्रतिबंधित शेत्र में जाने से रोका पुलिस ने बैरिकेडिंग की लाठी चार्ज हुआ पानी की बौचारे छोड़ी गई लेकिन इसी कारवाई के बीच वही वीडियो सामने आ गया जिसका जिक्र हमने शुरू में किया गुरुवार को यानी आज 23 जुलाई को कटिहार, दर्भंगा, मुंगेर, बेगुसराय और लखीसराय समेथ कई जिलों में छात्रों और राज्यतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन किया बिहार के बाद अगर किसी शहर की तस्वीर सबसे ज़ादा चर्चा में रही तो वो मुंबई की थी यहां बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी लेकिन छात्रों का प्रदर्शन भी नहीं रुका दिल्ली में संसद मार्च के दोरान छात्रों पर हुई पुलिस कारवाई के विरोध में ये प्रदर्शन हो रहा था लेकिन इस पूरे प्रदर्शन की सबसे बड़ी पहचान कोई नारा नहीं बलकि एक तस्वीर बन गई बारिश के बीच सड़क पर एक पुलिस वैन आगे बढ़ रही थी उसी वैन में हिरासत में लिये गए प्रदर्शनकारी बैठे थी तभी ग्रे हुडी पहने एक यूवती अचानक वैन के सामने आकर खड़ी हो गई उसने दोनों हाथ आगे बढ़ाए और पुलिस की गाड़ी को रोखनी की कोशिश की सड़क पर ट्राफिक थम गया लेकिन वो अपनी जगह से नहीं हटी कुछी मिन्टों में ये तस्वीर सोचल मीडिया पर फैल गई कई लोगों ने इसे पूरे आंदोलन की सबसे मजबूत तस्वीर बताया बाद में उस युवती की पहचान रिया के रूप में होई जो पेशे से आक्टर और मॉडल है उन्होंने मीडिया से कहा कि पुलिस अपना काम जरूर कर रही है लेकिन जिमदारी से नहीं कर रही देना भी गलत है इसी प्रदर्शन से एक और वीडियो सामने आया जिसने लोगों का ध्यान खींचा पुलिस की एक वैन हिरसफ में लिए गए प्रदर्शनकारियों को लेकर जा रही थी तभी कुछ युवक उसके पीछे दौड़ पड़े उन्होंने चलते बाहर से खोल दिया अंदर बैठे कुछ प्रदर्शन कारी बाहर निकल गए ये वीडियो भी तेजी से वैरेल हुआ और आंदोलन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया लेकिन विरोध सिफ महराष्ट और बिहार तक नहीं रुका। हैदराबाद में प्रदर्शन के दौरान बीजेपी और कॉंग्रेस कारेकरताओं के बीच टकराओ देखने को मिला। चेननई में कॉंग्रिस कारे करताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुई कारवाई और नीट विवाद को लेकर प्रदर्शिन किया। केरल के पलककड में Youth Congress और Kerala Students Union सडकों पर उतरे। गुजरात के सूरत में प्रदर्शन के दोरान कई लोगों को हिराथत में लिया किया। यूपी की राजधानी लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन हुए। यहां बीजेपी और कॉंग्रेस दोनों सड़क पर थे लेकिन दोनों की राजनिती के केंदर में एक ही मुद्धा थ बढ़ी के भले अलग रहे लेकिन मांग लगभग एक जैसी सुनाई थी लगदाख में पहली बार सोनम वांगचुक की भूख हरताल और सिक्षा सुधार की मांग के समर्थन में कारगिल की सडकों पर बड़ी संख्या में चात्र उत्रें उनके हाथों में तख्तियां थी जिन सालों से मेहनत करते हैं और चाहते हैं कि उनका मुकाबला सिर्फ मेहनत से हो यही आवाज ब्रुटन तक भी पहुंची लंदन स्थित भारतीय उचायोग के बाहर प्रदर्शन हुआ एडिनबरा ग्लासगो और मैंचेस्टर में भारतीय चात्रों और चात्र संगठनों ने रै जादा चात्र सिक्षक, पेरेंट्स और आम नागरीक एक साथ सडकों पर उतरें। उनका कहना था कि ये सिर्फ मेडिकल चात्रों की लड़ाई नहीं है बलकि हर उस युवा की लड़ाई है जो किसी प्रत्योगी परिक्षा की तयारी कर रहा है। All India Students Federation भरोसा पहले जैसा रह गया है यही सवाल इस अंदोलन को सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं रखने देता बल्कि उसे एक बड़े राष्ट्रीय विवाश में बदल देता है क्योंकि यहां सिर्फ नीट की बात नहीं हो रही सिर्फ एक परिक्षा की बात नहीं हो रही बा हर पुलिस ने जिस संजीव मुख्या को इस पूरे मामले का मास्टर माइंड बताया था, उसके खुलाफ क्वेश्चन पेपर चोरी या लीक करने के परियाब सभूत नहीं मिले हैं। से बड़ा चेहरा बताया जा रहा था आज उसके खिलाफ परियाब सबूत नहीं मिलने की बात कही जा रही है ऐसे में चात्रों के मन में ये सवाल उठना स्वभाविक है कि आखिर सच क्या है जाच आगे बड़ी है या कहानी बदल दी गई है अगर देश के सबसे चर्चित प भरोसा लोटेगा कि आने वाली पीढ़ी को अपनी बात मनवाने के लिए सडकों पर उतरना ही ना पड़े। आपको ये वीडियो कैसा लगा? आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बता सकते हैं। आपके लिए इस वीडियो को शूट किया था हमारे साथ ही अनुरागने मेरा नाम खुश्पू है नमस्कार