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Summary
दुश्यंत दवे ने कहा कि सरकार बहुत सख्त कदम उठाने जा रही है, लेकिन यह जो NSA को extend किया गया है, इसको आप कितना कानूनी है ये और यह तो बहुत जिंदगियां बर्बाद कर देगा उन लोगों की जो आज के क्रांतिकारी हैं वो तो बहुत दिन तक भुगतेंगे।
“डोंट वेस्ट माई टाइम”From the report
अर्विन केज़ जुबाल ने ट्वीट किया है कि साड़े 6 बजे सभी दुकानों को कुनॉट प्लेस की बंद कर दिया गया है इसके अलावा हम वहाँ पर एक बड़ा सिक्यॉरिटी डिप्लॉयमेंट भी देख रहे हैं मुझे फिक्र हो रही है ये सब बातें सुनकर ये unfortunately सरकार वे दो दिन में अपना रूख दिखा दिया है तो ये सब जरूर दिखाता है कि सरकार बहुती सक्त कदम उठाने जा रही है लेकिन ये जो NSA को extend किया गया है जिसको आपने कहा उसकी सत्ता को आगे बढ़ाया गया है इसको आप कितना कानूनी है ये और ये तो बहुत जिन्दगियां बरबात कर देगा उन लोगों की जो आज के क्रांतिकारी हैं वो तो बहुत दिन तक भुकतेंगे फिर इस बात देखे ये बच्चे तो अपने सर पर कफन पैंकर बैठे हैं वो वो कोई National Security Act detention से डरने वाले हैं नहीं। कि आज के दिन आपकी judiciary क्या सक्षम है, क्या तैयार है इनको नियाय देने के लिए। यह एक सबसे बड़ा देश के सामने पहलू यह है। जस्टिस सूरेकांट इन ही के एक शब्द से जिसमें उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा कौकरोध जैसे हैं, पैरसाइट्स हैं, उनसे एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया और ये आंदोलन अब सडकों पर है, अब यही जस्टिस सूरेकांट ये कह रहे हैं कि हमारे पा स्प्रीम कोट आगे बढ़ेगा नमस्कार स्वागत है आपका इस खास कार्यक्रम में मैं हूं आर्फा खानम शेरवानी द वायर पर आप कोकरोज जनता पार्टी का जो प्रोटेस्ट मार्च चल रहा है जिसके चार दिन पूरे हो गए उस पर लगातार कवरेश देख रहे हैं और बड़ी खबरें से जुड़ी हुई यह है कि पूरे जो सेंटरल डेली जिसको माना जाता है पुलिटिकल डेली यानि जहां पर पूरे हिंदुस्तान के 140 करोड़ लोगों के भागे का फैसला होता है जहां देश की संसद है जहांपर प्रधार मंतरी बैठते हैं, उनका पूरा मंतरी मंडल बैठता है, उस पूरे इलाके में इंटरनेट काम नहीं कर रहा है, mobile data को बाकायदा, Reuters की खबर इस बात को proof करती है, कि उनके sources ने बताया है कि mobile companies ने पूरे तरीके से बैन कर दिया है कुछ लोगों की फोन कॉल तक नहीं जा रहे हैं ये खबरे आ रही है जो reporters अभी वहाँ पर मौजूद हैं मैं अभी कुछ ही गंटे पहले वहाँ से आई हूँ तब तक तो फोन कॉल चल रहे थे इंटरनेट वहाँ चार दिन से नहीं है तो अब वहां पर इस तरह का कदम उठाया जा रहा है इसके अलावा और भी खतरनाक चीज़ें सामने आ रही हैं वो यह है कि नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहट इसका एक्स्टेंशन किया गया है जिसके तहट किसी को भी हिरासत में लिया जा सकता है एक साल के लिए तो यह जो बात 18 तक आप यह सोचिए अभी से जुलाय 15 से बताया जा रहा है कि इसको अमल में लाया गया है और इसको अक्तूबर तक ले जाया जा सकेगा कितना इलीगल है यह भी देखने वाली बात है इसके अलावा और महत्वपूर्ण खबरें जो आ रही है यह कि आप जानते हैं सुप्रीम कॉर्ट में जो चीफ जस्टिस ओफ इंडिया नो ने कहा कि हमारे पास वक्त नहीं है सब सुनने का हमारे पास वीडियो देखने का वक्त नहीं है जब उनके साथ उनके सामने मौजूद थे जो वकील थे जो उन चात्रों की अगवाई कर रहे दवे जी से आपको मिलवाओ सुप्रीम कॉर्ट के वकील रह चुके हैं बहुत जाने माने कानून के विशेष शग्ग हैं भारत में और खासकर एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जाने जाते हैं जो इस बात की परवाह नहीं करता कि उसकी कोई बयान को किस तरह से देखता है दिल से बोलने वाले व्यक्ति के तौर पर मैं समझती हूं दुश्वन दवे जी को बहुत-बहुत स्वागत है दुश्वन जी आपका मैं चाहती हूं हमारे दर्शक इस वक्त जरा एक छोटी सी टी क्लिप यह सुन ले झाल वरिश वकील गोपाल शंकर नायराय्यन कि उन्होंने फॉर है ठीक जिस तरह से दिल्ली पुलिस के ऊपर जिस तरह से बयान रखा है अपना उन्होंने कहा है कि पुलीस राखिन चला चला है नाटों में चीज ही थी बच्चे इसकी वजह से घायल हुए हैं पुलीस वाले सिविल कपड़ों में थे और वर्दी वालों ने भी नेम प्लेट्स अपनी हटा दी थी बाकायदा ये court of law में इन बातों को रखा गया है उनके पास current मारने वाली electric लाठिया थी इतना advance हो गया हमारा देश टेक्नोलॉजी आप देखिए उसके बाद प्रदर्शन में आरेफ और पुलीस को इस्तमाल करने की इजाजत नहीं होनोंने ये कहा और इसके अलावा एक शांत खड़ीवी चात्रा को किस तरह से अडिशनल डीसीपी संदीप लामा ने ठपड़ मारा उस सब का भी जिकर किया गया आपने एक बहुत बेहतरीन यह आर्टिकल दे वायर में लिखा है दुशन जी और इसको पढ़ते हुए मैं सोच रही थी किस तरह से आपने कानून के सबसे बड़े जानकारों को जिनकी जिनका काम है सम्विधान की रक्षा करना उनको आप कानून बता रहे हैं सम्विधान ब मसला है और इसके पीछे बहुत सारे और घंबीर मसले हैं देश के सामने एक तो बेरोजगारी दूसरा हमारी जो शिक्षण प्रणालिका है उसमें बहुत सारी शत्यां है हमारे जो बच्चे होते हैं उनको बहुत जबर्दस तो यह एक तरह का चालेंज फेस करना पड़ता है अपने एडुकेशन में और बड़ी मुश्किल से वह एडुकेशन पार करके जब बाहर उपर आते हैं बजार में नौकरी के लिए तो नौकरियां है नहीं और यह सब को लेकर उसके बाद जब यह सरकार जो जो एक्जामिनेशन कंडक करती है बड़ी-बड़ी नीट जैसी उसमें धानती बाजी बार-बार हो रही है पहले भी होती थी और अब यह ज्यादा बढ़ गई है तो उससे बच्चों का होसला एक तरह से आइनो आप चला जाता है बच्चों को एक तरह की बहुत ही आप यू नोट मायूसिया महसूस होती है बच्चों को लगता है कि उनका कोई भविषय नहीं है ऐसे माहूल में जब यह पूरे देश के करोड़ों अब इन आज के दिन कोई करोड़ों बच्चे हैं जो यह यू नोट फेस करें तो हम सब जानते हैं कि इंडिया का below 30 age 30 साल की उम्र के नीचे वाला population दुनिया का सबसे बड़ा है तो ये जो बच्चे हैं उनको जो इनो अपने भविशे के बारे में चिंता है उन सब चिंताओं को हमारी जिम्मेवारी बनती है आपकी, मेरी, सरकार की, civil society की, सब की, कि उन चिंताओं को हम सही तरह से address करें और unfortunately क्या हो रहा है कि उन चिंताओं को address करने के जगा, उनको सही मार्गदर्शन देने की जगा उनको होसला देने की जगा उनको आश्वासन देने की जगा हम उनके उपर ऐसे लाठिया बरसा रहे हैं जो कि एक हमारे देश के लिए बहुती बुरी बात है और मैं समझता हूं कि आज के दिन ऐसा वर्ताव करना सरकार के लिए शोभित नहीं है after all सरकार भी democratically elected है और सरकार भी democracy में मानती है at least दिखावा करती है तो ऐसे समय में सरकार को जो आज दो दिन में पिछले 48 गंटे में जो हुआ 71 ने जो करना था कर लिया हमें सोचना है कि हमारे बच्चे को हम कैसे इन सभी लग करुड़ों बच्चे को कैसे मदद कर सकते हैं तो इसलिए जरूर मतलब कि पूरे देश का एट लिस सेनियर सिटिजन जो सिविल सुसाइट कि political class, bureaucratic class, वकील है, journalist है, media है, सबका एक दायत्व बनता है, कि एक सही debate चालू करे, बच्चों को सही मार्ग दर्शन दे. दुशन जी, इससे पहले कि मैं आप से पूछूं, आपके article के बारे में, जिसमें आपने बाकाइदा Supreme Court पर सवाल उठा दिया है, है कि आखिर जो जैनजी है हमारा यह जो युवा वर्ग है इसको कौन प्रोटेक्ट करेगा इसकी सुरक्षा कौन करेगा साथ-साथ आपने यह भी जिकर किया है कि सीजियाई ने जो यह कहा है कि हम इंट्रेस्टेड नहीं है वीडियो देखने हमारे पास वक्त नहीं है इस सब भी आपने उनको कानून की याद दिलाई लेकिन इससे पहले जो खबर आ रही है और यह अपुष्ट खबर नहीं है पुष्ट खबर है यह जिसमें मैंने आपको बताया था कि मोबाइल फोन के जो कनेक्शंस है सिर्फ की इंटरनेट बल्कि कई जगह से खबर यार यह कि नॉर्मल कॉल्स भी नहीं लग रही है अर्विंद केज़ीबाल ने ट्वीट किया कि 6.30 बजे सभी दुकानों को कुनॉट प्लेस की बंद कर दिया गया है इसके अलावा हम वहां पर एक security deployment भी देख रहे हैं मुझे फिक्र हो रही है सब बातें सुनकर देखिए यह यह अनफॉर्चुनेटली सरकार ने दो दिन में अपना अपना रुख दिखा दिया है और मैं ताजूब नहीं हूं सर इस स्टेप से क्योंकि सरकार ने पहला मिलिटरी फोर्स बेद दिया जंतरमंतर की दरफ और जैसे आप बोल रहे पूरे दिन में न्यूज आ गया था कि दुखाने और रेस्टोन सब कनॉट प्लेस में बंद कर दी गई है और जैसे आपने बताया आगे कि लेफ्टनेंट गवर्नर ने एक आदेश जारी करके नैशनल सिक्योरिटी एक्ट की सत्ता को यूज करने एक्सरसाइज करने के लिए दिल्ली के पुलिस कमिशनर को परमिशन दे दी है तो यह सब जरूर दिखाता है कि सरकार यह बहुत ही बहुत ही सक्त कदम उठाने जा रही है जो कि एक मेरे समस्य गलत और बच्चपना एक्शन होगा सरकार पर यह सरकार इसी तरह से लोगों का यह लोगों का मनोबल तोड़ने करती है अब ने देखा था जब सिए प्रोटेस हो रहे थे तो सरकार ने इसी तरह से आई नोट बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं ने कुछ अंचन शब्द बोलकर रायट को जनरेट करवाया था और उसके बाद वह प्रोटेस्ट को उन्होंने अपने तितर भी दर कर दिया था तो सरकार इस बार भी वही सोच रही है पर सरकार गलत सोच रही है क्योंकि इस बार पूरी सिविल सुसाइटी का सपोर्ट है पूरे इंदुस्तान के बच्चों का इनको सपोर्ट है थोड़ा-थोड़ा मीडिया भी अभी सपोर्ट कर रहा है पिछले 12 घंटे से इंटरनेशनल मीडिया बहुत कवरेज कर रहा है बहुत सा देश के लोग भी वह देख रहे हैं कि क्या हो रहा है हिंदुस्तान में इन सब माहौल में सरकार को कोई सक्त कदम उठाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बार-बार प्रधानमंत्री अमिय वाला वीवार को दाम दिन चर्चा है मैं मन की बात करते रहते हैं तो क्यों ना बच्चों के सामने बैठकर जनतर-मंतर में बात कर ले और बोले कि नहीं जो भी आप कहें मैं करने के लिए तैयार हूं आज देखिए इस देश में सबसे चैलेंज किया है गवर्नंस में आज गवर्नंस में देरी स्कूल प्लीट एपसंस ऑफ अकाउंटेबिलिटी आज यह यह सर बीजेपी सरकार के लिए नहीं है सभी सरकारों में आज भी कांग्रेस सरकारों में भी ऐसी गलतियां हुई और किसी को सामने एक्शन नहीं लिया गया आप सब देखिए सबसे बड़ा जो बंबई में हाथसा हुआ टेररिस एक्ट एटैक्ट वह इतनी वह शॉडी उनका सरकार का हैंडलिंग था फिर भी को मिनिस्टर या उस जमाने के पुलिस के अधिकारी या इंटेलिजेंस के अधिकारियों के सामने नहीं एक्शन हुआ इसी तरह से अभी जब पहल काम हुआ तो सरकार ने किसी का एक्सप्लेनेशन नहीं मागा डिसिप्रिनरी एक्शन नहीं लिया कि भाई अब डीजीपी साहब आप क्या कर रहे थे इंटेलिजेंस लोग हमारे मरे जाने सिटीजन पर सरकार में कोई एकाउंटेबिलिटी नहीं है ऐसा ही नीचे हुआ है कि भी आप छोटे-मोटे लोगों को आप निकाल के देश को यह सैटिस्पाइड कर सकते हैं सब जानते हैं कि सत्ता कहां पर है सत्ता सब राइसिन आहिल्द में छोटे से छोटी चीज में आज छोटे से छोटे राज्य में जहां बीजेपी जरकार है कोई डिसिशन नहीं लेता है जब तक परमिशन पीएमो से नहीं आती है एवरीथिंग इस भी मॉनिटर पाइट प्राइम इस ट्रेस ऑफिस सो उड़ी ऐसे हालात में अगर लोग डिमांड कर रहे हैं कि मैं एजुकेशन मंत्री को इस्तिफात देना चाहिए उसमें कोई गलत बात नहीं है हमारे सामने जबरदस्त एक्जांपल शास्त्री जी के यहां तक मादवराव इंडिया जी ने भी रिजाइन किया था जब प्लेन क्रैश हुआ था तो यह सब तो हमारे लिए बहुत ही इंपोर्टेंट चीज है कि एक एकाउंटेबिलिटी एस्टाबिलिश की जाए और उसके लिए प्रदात्री का दायत्व बनता है कि वह ऐसा एक सिस्टम ऐस्टाबिश करें कि जहां सरकार में जो जो गलतियां होती है आज देखिए आज प्राइवेट सेक्टर में कोई भी बड़ा उद्योगपति हो और उसकी बड़ी फैक्टरी में आग लग जाए तो क्या वह अपने मैनेजर के सामने एक्शन नहीं लेगा बड़े से बड़े मैनेजर को निकाल देगा तो आज और आप देखिए आज मैं तो सरकार कोई प्राइवेट फैक्टरी में आग लग गई मैंने बार-बार देखा है कि जिसमें मालिक का कोई रोल नहीं होता है मालिक को अरेस कर लेते हैं बले पालिक पांचों किलोमेटर दूर बैठता है मैंने जिन डिवेक्टर चेरमेन है तो अगर आप उनको ऐसे कर सकते हैं उनके सामने एक्शन ले सकते हो सेंग डेट यॉर रिस्पॉंसिपल फॉर फेलियर ऑफ यॉर पीपल देन वाइन ऑफ डिएजुकेशन चैनल पर नियुक्ति सब्सक्राइब करने के लिए और उनसे बैठा आप यह कह रहे हैं कि एक संदी होनी चाहिए दोनों के बीच में लेकिन सुलह में तो यह सरकार विश्वास नहीं रखी राजनास तीने कहा था कि वह सरकार नहीं हमारे सीफिट करना होता है किस तरह हमारे पिछले सामने बहुत विषय है था ठीक है जब हुआ है और अब रहे थे और मुझे खुद वहां पर करंड लगािए जा रहे हैं मुझे लगा कि उन्हें कोई भलत बदली हुई है करंट क्यों लगाएगी दिल्ली पुलिस पुलिस को क्यों करंट लगाने की बात है लेकिन सोचिए आपके एक शार्प नेल्स डंडों में लगाकर और बाकायदा डंडों से उनको मारा गया और इलेक्ट्रिक डंडे हम इतने अड्वांस है हमारे पास electric घंटे हैं किसके लिए बाहर के लोगों के लिए यह अपने चात्रों पर बर्शाने के लिए electric घंटे है हमारे पास लेकिन यह जो NSE को extend किया गया है जिसको आप नहीं का उसकी सत्ता को बढ़ाया गया है इसको आप कितना कानूनी है ये और ये तो बहुत जिन्दगियां बरबाद कर देगा उन लोगों की जो आज के क्रांतिकारी हैं वो तो बहुत दिन तक भुकतेंगे फिर इस बात को देखिए यह बच्चे तो अपने सर पर कफन पहन कर बैठे वहां वह कोई नैशनल सिक्योरिटी एक्ट डिटेंशन से डरने वाले हैं नहीं सरकार बहुत अपने आप गलत समझ रही है गलत रास्ते पर जा रही है पर मेरे ख्याल से इनके आपने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट इनवोक करना अनकंस्टिटूशनल इट इज इलीगल प्रॉब्लम यह है कि आज के दिन आपकी जुडिशरी के असक्षम है क्या तैयार है इनको न्याय देने के लिए यह सबसे बड़ा देश के सामने पहलू यह है कि कोट के सामने जब यह आर्ग्यूमेंट हुए पर खल और दिल्ली आई कोट नोटिस इशू करता है सरकार को और चार हफ्ते पर बाद वह नोटिस को रिटरनेबल करता है दिल्ली आई कोट का जिम्मेवारी थी कि उस नोटिस को 24 घंटे में वापिस बुलाए और बोले कि 24 घंटे में हमारे सामने आप वालपना में दाखल करिए और बताइए क्या हो रहा है क्योंकि कि आपने किसी ऑथारिटी से किया तो यह ऐसी जुड़ीशरी होनी चाहिए मैंने देखा ऐसी जुड़ीशरी मैं आपको बताऊं कि मैं जब यंग वकील था सरकार को डिफेंड कर रहा था गुजरात हाई कोर्ट में 1980 में और कुछ रायट गए और पुलिस ने एक मेधान क्रिकेट का मेधान जो बच्चे खेलते थे वह कभजा कर लिया वहां टेंट लगा दिया बच्चों ने एक उठाकर चिठ्ठी लिख दी गुजरात हाई कोड को चीप जस्टिस पीडी देशाई उन जबान में एक जबरदस्त जज थे जो बाद में हिमाचल कलकता और मुंबई के चीज जस्टिस बने जबरदस्त मैं मेरे लिए गुरु है और मैं मानता हूं कि ऐसे जज कभी हिंदुस्तान में बनानी है पोस्ट इंडिफेंडेंस में उन्होंने मुझे बुलाया बोला यह आप इसको एक घंटे में हटा दीजिए मैंने कमिशनर को फोन किया सिंह साहब कमिशनर थे वह तुरंत समझ गए मुझे बोला दुश्यन जी अगर चीज जस्टिस पीडी देशाई की रिक्वेस्ट है तो मेरे लिए आदेश है क्योंकि मैं जानता हूं करें तो वह कंटेंट करेंगे उन्होंने उठा लिया तो ऐसा इन ओप जजीज का रोल होना चाहिए काट लोगों के लिए देर हार्ट शुट ब्लीड कि आज लोगों के फंडामेंटल राइट्स को कुछल दिया जा रहा है तो आज आज यह जजीज अंग्रेज जटिस तो है नहीं यह फ्रीडम राइटर्स के लिए उमको कोई सिम्पाती नहीं थी यह जतित तो हमारे जसी से हम में से हम देशवासी है आप भी देशवासी है तो अगर आपके आपके लिए दिल में हमारे लिए एक तरह की यू नोएक तरफ प्रेम एक तरह की यू नो आधर एक तरह की चिंता ना हो तो फिर आप जज़ बनने के लिए लायक नहीं है और आफ्टर ऑल आपने कंस्टिटूशन ओट लिया है कि मैं कंस्टिटूशन को अपवोर्ड करूंगा विदाउट फिर एंड फेवर तो आप क्या कर रहे हैं यहां बैठकर तो एक बड़ा पेचीता मामला है आज के दिन और सरकार यह जानती है कि हम कितने भी गलत कदम उठाएंगे जुडिशरी यह अप्रूव करेगी तो देखिए जी आप यह कह रहें कि लोगों सरकार में विश्वास है कि जुडिशरी उसको प्रूफ कर देगी यह बड़ा ही एक तरह से जो कमिटिट जुडिशियरी का एक कॉंसेप्ट इमरजेंसी के दिनों में आया था ऐसा लगता है कि उसी की याद दिला रहा है यहां पर यहां जिक्र हो रहा है कि जस्टिस सूरयकांत के बारे में जिनके में आपने यह आर्टिकल में भी एक तफसील से आपने लिखा है आप यह देखिए कि इन्हीं के एक शब्द से जिसमें उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा कौकरोध जैसे हैं पैरसाइड से उनसे एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया और यह आंदोलन अब सडकों है इससे लाखों नहीं करोणों की तादाद में छात्र जुड़ गए हैं और इसके बाद अब यही जस्टिस सूरकांत यह कह रहे हैं कि हमारे पास तो इन वीडियो को देखने का वक्त नहीं है, डोंट वेस्ट माई टाइम, उन लोगों के लिए, उन छात्रों के लिए, जिस पर पुलीस ने बरबरता दर्शाई है, जिनके उपर पुरी दुनिया हैरान परेशान है, है तो इसमें अकाउंटेबिलिटी यह जवाब देखी मैं और आप बैठकर यहां वायर के प्लेटफॉर्म पर हम इनके आलोचना तो कर सकते हैं वह बड़ा हमें छुपके और बहुत ही ढक्के आलोचना करनी पड़ी है क्योंकि मिलोड नाराज ना हो जाए इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा लेकिन accountability जजों को कौन accountable ठहराएगा नहीं आपकी बात सही है Chief Justice साथ ने ये जो insensitive statement किया था वो बहुत गलत था उसके बाद उन्होंने और गलती कर दी उन्होंने बोला मैं ये बोला ही नहीं था He should have actually apologized to the youth, to generation G थी एंड से के बहुत मेरी गलती हो गई यह शब्द मेरे से गलत हो गए वह बोले ही नहीं और यह जो कल उन्होंने बोला कि मैं मेरे पास वक्त नहीं है तो बहुत आजुबी की बात है आज आप आज आप देखिए कि एक एंसी आर्टी में एक चैप्टर था जुडिशरी के लिए जिसमें करप्शन के बारे में झिक्र किया गया था तो आपने उसको सुबह मोटो लेकर इतना आई नो तुफान मचा दिया पूरी सरकार को हिला दी कि इन सब को डिस्मिस करो यह विड्रॉक करो पुब्लीकली बोलें और पेनी जजीज एवं सेट इन देखिए इसका रॉप्शन इन जुडिशरी इन जजीज आरॉनेस्ट और वेल्बिंग जजीज बियो नेस बट देरा मैंने जजी जो आपका रप एंड सो यू शुड अप सेट सॉरी टो द कंट्री ना इंस्टेड आफ सेइंग सॉरी एन इंस्टेल चॉट यू आर विलिंग टू इंटरफियर मैंने देखें बार-बार कि यह जो इनका एक्सरसाइज ऑफ पावर है एक्चुली अंडर द कंस्टिटूशन सुप्रीम कोर्ट इस बाउंड टू इंटरफियर आर्टिकल 32 में लिखा है कि जब-जब citizens के fundamental rights को कुछल दिया जाता है तो citizen का right to move from the Supreme Court to the Supreme Court that is guaranteed fundamental right to move Supreme Court guaranteed fundamental right and article thirty two और सुप्रिम कोड का daait va banta hai कि वो उसमें interfere करे और relief दे और मैंने देखा है कि जब ही जब ही यह मामला आया कि judges पर पुलिस ने कोई atrocity की judges के साथ और और वकीलों के साथ बिस्बिएवियर किया तब सुप्रीम पोर्ट तुरंख खड़ा हो जाता है यह हुआ नड़ियाद के जूडिशन मेंजिस्ट्रेट के केस में इनको पुलिस ने पुलिस सेशन ले जाकर शराब पिलाकर फिटा था तुरंख सुप्रीम पोर्ट बाद गया और पड़ा सा जजमेंट या बड़ा भाषण दिया गाइडलाइन इशू की उनको सस्पेंट किया इंक्वायरी ऑर्डर की ऐसा वह एक बार अलाबाद में पुलिस ने बहुत ही जबरदस वह कर दिया आप वह वार दूर वह वार जजिस के साथ और वकीलों के साथ और लगा कानून व्यवस्था खराब हो गई चीफ जस्टिस वेंकर्ट चलाया को जैसे इनफॉर्मेशन दी चीफ जस्टिस बात नहीं है तो कोट में बैठे-बैठे उन्हें उन्होंने सरकार को बोला कि आप तुरंत परामिलिटरी फोर्सेस भेजिए और इसको कंट्रोल लाइए और फिर सीबीआई इंक्वायरी ऑर्डर की तो अपने पर जब आता है तब उनको लगता है नहीं नहीं अब आर्टिकल 32 का प्रयोग जरूर होना चाहिए और लोग फंडामेंटल राइट समारे जजीस के वायलेट हो गए अरे जजीस और हम हम है तो आप जजीस हैं तो आप कैसे डिस्क्रिमिनेट कर सकते हैं और यह इतनी अनफॉर्चुनेटली सिच्वेशन है आज बड़े बड़े उत्तर पति बड़े बड़े पॉलिटिशन सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल 32 में गए जाना नहीं जाना चाहिए और उनको रिलीफ मिलिए मैं नाम नहीं दूंगा पड़े से बहुत डरजनों केसी से जिसमें सुप्रीम कोर्ट एडिंटर फ्रीड इन चर्की टू जो नहीं करना चाहिए और उनको रिलीफ दे दिए तो आज अगर आप ऐसे केस में और आज ही चीफ जस्टिस सुरेकान साहब ने का वकील साहब सब गए और बोले कि मेट्रो स्टेशन सुब्रीम कोर्ट का बंद हो गया है तुरंत ने बोला क्यों बंद हो गया है और वह इसको करिए तो अगर आप मेट्रो स्टेशन के लिए बोलते हैं कि यह फंडामेंटल राइट है ऑफ लॉयर्स ट्रावेल बाइ मेट्रो तो व्हाट बाइट द राइट टू यू नो लाइफ ऑफ दिस किड्स लाइफ लाइट टू जस्टिस एचार खन्ना चंदरचुट सीनियर जस्टिस पीएन वगवधी जो कि बड़े-बड़े जजिस माने जाते थे और लोगों के राइट्स को डिफेंड करने वाले जजिस उन्होंने भी हमें फेल किया इमरजनसी में तो मैं ताज़ूब नहीं हूंगा अगर और हम इस बार भी सुपरिम कोट आपमें फेल करें पड़ मैं प्रार्था करता हूं मैं आशा करता हूं कि सुपरीम को इस पार अपने आपको बदलें और लोगों की और लोगों की साहौता के लिए आगे भड़े हैं और इसके अलावा दूसरा थी सब्सक्राइब करता है फॉर जाने बांध कर यह हुन आई है आपकी ने मुझसे मेरी नहीं है यह लोग हैं 20 साल से कम से जरासा आगे ये जैन जी जो कहीं आया जाता है, ये बहुत मैं कहूँँगी अपने आप में ऐसी जेनरेशन है जिसको ये शब्द नहीं पता के डर क्या होता है, या प्रभुसत्ता क्या होती है, ये जज़ों के बारे में भी कुछ भी बोलते थे हैं यह प्रधानमंत्री के बारे में बोलते हैं यह इन चीजों का ध्यान नहीं रखते हैं यह अपने अधिकारों के लिए बहुत ज्यादा सचेत है मुझे कभी-कभी थोड़ी सी इर्शा भी होती है इन लोगों से कि इनको इस तरह का कोई consideration नहीं है ये एक बेखौफ जिन्दिगी जीते हैं आजाद जिन्दिगी जीते हैं अगर आप प्रोटेस्ट में गए होंगे आपको पता है जिस तरह के नारे वहाँ पर लगाए जा रहे हैं हैरान कर देने वाले हैं तो ऐसे में मुझे ये बताईए क एक चीज मैं मैं जनरेशन जी को भी बोलता हूं सभी जो क्रांतिकारी यहां बैठे हैं और स्टूडेंट्स बैठे उनको भी बोलता हूं कि आप किसी के लिए आप शब्द नहीं यूज करें आप देखिए आए यह हिंदुस्तान गौतम भूत का दिन इंदुस्तान मातमा गांधिका इंदुस्तान यहां पर यह गाली अलोच नहीं होनी चाहिए किसी के लिए सभी से आप जरूर क्रिटीसाइस कर सकते क्योंकि क्रिटीसिजम यूज देव सेंस अब डेमोक्राइस पर आप मानपूर्व क्रिटीसाइज करीए कि प्रधानमंत्री के लिए या चीम जस्टिस आपके लिए और किसी के लिए आपको कुछ कबीरेज के लिए भी कुछ बोलना मानपूर्वक बोली आप आप कहां करें बोलने का पर उस आपको लाइन क्रॉस करनी चाहिए जिसमें आप किसी के के भी अपशब्द बोले और कुछ भी मन में आए बोल जाए नहीं वह जरूर गलत है और मैं उसके साथ थोड़ा भी आज एग्री नहीं करता हूं मैं उनको इन फैक्ट कॉशन करता हूं कि आप यह मत करिए नहीं तो आप तो आपके लिए जो लोगों में हमदर्दी वह हमदद्दी चली जाएगी वह कहने के बाद में एक जरूर कहूंगा कि आज एक तरह का जबरदस फ्रस्ट्रेशन है इन बच्चों में क्योंकि उनको भविष्य बहुत काला देख रहा है देखिए आप मुझे भी पूछे आज नहीं मैं 2016 में लंडन में लंडन of Economics में एक lecture देने गया था on human rights in India उस वक्त भी मैंने बोला था कि भी किसी ने प्रोफेसर ने मुझे पूछा कि आप हिंदुस्तान का भविष्य क्या है मेरे lecture को सुनने के बाद क्योंकि वह काफी कठोर lecture था मैंने बोला हिंदुस्तान का भविष्य I said मैं proud permanent pessimist हूं प्राउड परमेनन पेसिमिस्ट मैं हिंदुस्तान का कोई फ्यूचर नहीं देखता हूं और मुझे बहुत ही दर है इन फ्यूचर जनरेशन के लिए कि हम जो कि हमारी जनरेशन जिनको कुछ करना चाहिए था देश के लिए अगले जनरेशन के लिए वि एवर फैल कम ने इनको कंपलीटली फैल कर दिया है हम ऐसा एक कैसे उनके लिए छोड़ जा रहे हैं जहां रहने लाइक नहीं होगा आप घर में लोग्य के लिए रहने के लिए सेफ़टी नहीं होगी कोई नौकरियां नहीं होगी की कुछ नहीं होगा यह सब जो बाते कर रहे है डेवलपमेंट नो डेवलपमेंट देखे देश अडानी और अमबानी से नहीं बनता है आज आपको करोड़ों अमबानी और अडानी बनाने है देश में 145 करोड़ की बस्ति है और उसमें कम से कम 15 20 करोड़ बच्चे अभी अनेंप्लॉइड है और उसके बाद यह करोड़ों बच्चे पढ़कर अगले कितना दो-चार साल में बजार में आ जाएंगे नौकरियां ढूंढने के लिए व्यापार करने के लिए आज आपका स्मॉल इंडस्ट्री खत्म हो गया है मीडियम इंडंस्ट्री खत्म हो गया है एंडिक्राफ इंडस्ट्री खत्म हो गया है वरिजन जीसेवर है आज पेंडले में सौ मिलियन भूचि साइट हमारे 10 मिलियन भूदि सा है लास्ट अट्पीलियन हैथी हमारा देखिए खाली मीडिया अनफॉर्चुनेटली दिखा रहा है कि प्रोग्रेस है क्योंकि प्राइम मिनिस्टर का एक बहुत सुंदर व्यक्तित्व है कि वह देश को एक वीनों एक उत्साब में रखते हैं एक सेलिबरेटरी मोड में रखते हैं या तो रिलीजियस सेलिबरेशन लेते हैं या यह डेवलपमेंट के सेलिबरेशन रहेंगे या यह रॉकेट ऊपर गया आज एक ट्रेन इधर खुली आज एक रोड उधर खुला आज एक नई फैक्टरी बिठाई पर उससे नौकरियां नहीं मिल रही है उससे इन बच्चों को पता है कि क्या बड़ा है और उसके बाद जो यह परीक्षाएं है सरकारी नौक्रियों की हर एक मैंने अपनी वकालत लास्ट यह छोड़ दी पर मैंने वकालत में पिछले 20 साल में सरकार की सरकारी नौक्रियों इंकुलूडिंग नौक्रियों नियुक्त बच्चे की कोई सहारा नहीं है देखिए हम लोग सब एक मिडल क्लास फैमिली से आते हैं हमारा एक थोड़ा बेस रहता है और अमीर लोगों की बात तो अलग है पावरफुल लोगों की बात अलग है यह बच्चे आते हैं बहुत आम लोगों के फैमिलीज से अब उनके लिए अगर नीत पर फेल हो जाए क्योंकि उधर कोई धानली बाजी हुई है हालांकि वह बच्चा नाइनटी नाइन परसेंट लाता है अदरवाइस पार्मी कर्षा में तो क्या बच्चा करेगा स्यूसाइड करेगा बहुत बच्चों पर उस प्रस्टेशन को बच्चे बुरी तरह से इस्तेमाल ना करें ऐसी में उनसे एडवाइस देता हूं उनसे बोलता हूं एक मैं तो उम्रका बड़ा हूं कि प्लीज आप ऐसा पर आप अपने हग पर दटे रहिए दटे रहिए बिल्कुल अमीद करते उनके छात्र भी आपकी बात सुन रहे हैं उमiत करते हैं कि डौजिज भी आपकी बात सुन रहे हैं उम्मीद है कि मोडी सरकार थे आपकी बात सुन रही है जिस तरह से आपने खुद सूर्ति से अपने इस बात को रखा है इस प्रोटेस्ट के दौरान कि किस तरह से उनके जो कंस्टिटूशन राइट्स है और सीधे तौर पर मैं आपकी इस बात को दोहराना चाहती हूं आप यह कह रहे हैं कि इस तरह से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट को एक्सटेंड करके और एक साल डिटेंशन का जो ऑर्डर पास किया गया है अक्तूबर तक आप ही कह रहें कि अनकॉंस्टिटूशनल है इस बात को मैं दर्ज कराना चाहती हूं बहुत बहुत शुक्रिया अनकॉंस्टिटूशनल नहीं है इसका जब उपयोग होगा और बच्चों को डिटेंड जाएगा अनकॉंस्ट्रिडूशन यह पावर और आपको दे सकते हैं उसमें कुछ नदी रॉंग बाउट इस उसका जब इस्तेमाल होता तो देखिए बहुत बशुक्रिया