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Summary
पिता ने कहा कि सरकार ने अभी तक अपनी बेटी की मौत पर अफसोस नहीं जताया है, जिससे उन्हें बहुत दुख हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों ने इस मुद्दे के समर्थन में संसद चलो प्रदर्शन में भाग लिया है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
“सरकार ने तो दिया नहीं कम से कम देश घर के बच्चे दे रहे हैं”From the report
आज आप इस प्रोटेस में आये हैं, संसच चलो मार्च में आये हैं, क्या हिम्मत लगी एक पिता के लिए अपनी बेटी का फोटोग्राफ हाथ में लेकर? अभी तक सरकार ने एक statement तक नहीं दिये कि प्रोटेस इतना बड़ा हो गया हजारों लोग जुड़े हैं तो वो देखकर आपको कैसा लगता है कि धर्मेंद प्रदान का resignation दूर की बात है पर अफसोस भी नहीं जताया आपकी बेटी की death पर यही सबसे बड़ा दुख है कि अभी तक कोई अफसोस नहीं जताया उन्होंने सर जब आप यह देखते हैं कि जब लोग साथ में आये हैं प्रोटेस कर रहे हैं तब पुलीस उसको इलीगल बता रही है पुलीस फोर्सेज अंदर ले रही है तो यह देखकर कैसा लगता है नाओगरी करनी है जब आप देख रहे है कि इतने लोग आ रहे हैं आपकी बेटी के समर्थन में इस मुद्दे के समर्थन में क्या यह देखकर धोड़ी खुशी मिल रहे कि सरकार नहीं लोग तो अब जूट रहे हजारों की तादार यही मेरी बेटी और जो तमाम बच्चे जिन्होंने आत्मत्या के उनके लिए यही सरदान जली है सरकार ने तो दिया नहीं कम से कम देश घर के बच्चे दे रहे हैं इसलिए मैं भी आया हूँ especially बड़े कठिन उसमें आया हूँ मैं भुके रहकर आया हूँ साहई इस देश की आप खुले इस्तीफा दे सर ने हिम्मत दिखाई है कि अपनी बेटी खोकर और बच्चों के लिए लड़ने आ जायें है कि और बच्चों के साथ ऐसा ना हो और बहुत से लोग, you can see thousands of people behind me who have joined this protest