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Summary
बुंदेलखंड में चिता आंदोलन के नेताओं ने कहा है कि उनके गांवों को बिना मुआवजे दिए तोड़ दिया जा रहा है और उनके जंगल कटे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट के कारण बुंदेलखंड में एक भैंकर बिनास 46 लाख पेड़ कट जाएंगे और बारा परसेंट बारिस कम हो जाएगी।
“अत्याचार करने की इनके अ करते हैं”From the report
अब यह चार ने विमेन आफ टेजिंग प्रोटेस एगेंज एक एंड बेटवार रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट एंड आफ इधर मी बुंदेर खंड सोनम वांग चुक्स इस समय दिल्ली जो यह नहीं सुन पारी है यहां की आवाज है उनको क्या मैसेज देंगे आदर हमारे साथ अन्याय और अत्याचार हुआ है बिगर फरजी, बिगर गराम सभा के, बिगर हमारी सहमती के हमारे गाऊं लिए जा रहे हैं, हमारे जंगल काटे जा रहे हैं, हमारे नदी कैन नदी है जो चोपट की जा रही है इस पर कोई चर्चा नहीं की की कि यह पर्योजना फायदेवन दिया नुकसान दायक पानी का भी सोर्स पता नहीं है सुप्रीम कोर्ट में इनकी जो पर्यावरणी अनुमति थी और इनकी जो अब आज इस अवधि थी वह सुप्रीम कोर्ट और एंजीटी में केस चल रहा है उसका कोई नहीं आया उसमें सेंटर पावर कमेटी ने उनके प्रोजेक्ट के खिलाब इसको बिनासकारी बताया है इसको बताया कि यह बुंदेलखंड में इसकी वजह से एक भैंकर बिनास 46 लाख पेड़ कट जाएंगे और जिसकी वजह से बारा परसेंट बारिस कम हो जाएगी और लोगों के घर बिना मौबजा दिए तोड़ दिए जा रहे हैं धारा 38 बुवरजन कानून 2013 की धारा 38-1-32 का खुलिया मुलंगन है लोगों के साथ गुंडा गिरदी और अमानवी वैवार हम लोग जब आबाज उठाएं अत्याचार करने की इनके अ करते हैं