
Summary
परवीन बाबी की जिंदगी को बहुत नज़दीक जाकर देखेंगे। हम जानेंगे कि आखिर बिना किसी गॉड फादर के परवीन ने रुपहले परदे पर अपनी जगे कैसे बनाई।
“परवीन बाबी के आखिर ऐसा क्या हुआ था कि परवीन ने सदी के महनायक अमिताब बच्चन पर इतना संगीन इलजाम लगाया था”From the report
अमिताब बच्चन एक सूपर इंटरनाशनल गैंक्स्टर है। वो मेरी जान के पीछे पड़े हुए हैं। उनके गुंडों ने मुझे अगवा कर लिया था और फिर मुझे एक आइलेंड पर रखा गया। जहां उन्होंने मेरा ओपरेशन करके मेरे कान के ठीक नीचे एक एलेक्ट्रॉनिक बग लगा दिया है। अमिताब बच्चन के उपर ये इलसाम थे जुनागड के नवाबों के खानदान में पैदा हुई एक बहुत खुबसूरत लड़की के, जो आगे चल कर हिंदी फिल्मों की बेहत हसीन, हुनरमंद और बेपाक अभिनित्री बन कर उभरती है ये शब्थ है परवीन सुल्ताना वली मुहम्मद खान जी बाबी उर्फ परवीन बाबी के आखिर ऐसा क्या हुआ था कि परवीन ने सदी के महनायक अमिताब बच्चन पर इतना संगीन इलजाम लगाया था फ्रेम बाई फ्रेम के इस एपिसोड में हम हिंदुस्तान की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में से एक मरहूम परवीन बाबी की जिन्दगी को बहुत नज़दीक जाकर देखेंगे। हम जानेंगे कि आखर बिना किसी गॉट फादर के परवीन ने रुपहले परदे पर अपनी जगे कैसे बनाई। और कैसे अपने करियर की शुरुवात से ही लीक से हटकर किरदारों के दम पर परवीन ने हिंदी फिल्मों की नाइका को देखने का दर्शकों का नजरिया ही बदल दिया। सत्तर के दशक में जब एंग्री यंग मैन का दौर अपने शिखर पर था, तब परवीन बाबी कैसे टाइम मैकजीन के कवर पर पहुँचने वाली हिंदी सनमा की पहली सूपर स्टार बनी. इसके साथ साथ परवीन की निजी जिन्दगी के वो अंचुए पहलू जहां उपरी चमक दमक के पीछे एक गहरा अंधेरा है ये कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसे काम्याबी से कहीं जादा जिन्दगी के गहरे माइनों की तलाश थी उसे मुहबत की तलाश थी उसे जेहनी सुकून चाहिए था इस कोशिश में उसने अपने एक बहतरीन फिल्मी करियर को पीछे चोड़ दिया और बरसों तक गुमनाम रही और फिर एक दिन खबर आई की परवीन बाबी ने हमिशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया है