
Summary
मदप्रदेश के किसानों को लेकर सरकार की क्या रणनीति होगी? क्या उनकी मांगें मानी जाएंगी?
“जब किसान सड़क को ही अपना घर बना लेता है और कहता है कि बात बने बिना वापस नहीं जाएगा, तब ये सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं रह जाता, ये उस बेचैनी का संकेत बन जाता है जो खेतों से निकल कर सत्ता के दरवाजे तक पहुँच चुकी है।”From the report
मदप्रदेश के इन किसानों को लेकर आप सबसे बड़ा सवाल यह ही कि आगे क्या होगा? क्या सरकार किसानों की सबसे बड़ी मांग यानि मूंग की 100% खरीद पर कोई फैसला करेगी? क्या खात की किल्यत और खरीद विवस्था को लेकर कोई बड़ा एलान होगा? या फिर या अंदोरन और लंबा खिचेगा इन सवालों को जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा लेकिन एक बात साफ है जब किसान सडक को ही अपना घर बना लेता है और कहता है कि बात बने बिना वापस नहीं जाएगा तब ये सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं रह जाता, ये उस बेचैनी का संकेद बन जाता है जो खेतों से निकल कर सत्ता के दरवाजे तक पहुँच चुकी है। और अब सबकी नजर इस बात पर है कि मदप्रदेश की मोहन यादव सरकार इस भरोसे को कैसे वापस जीतने की कोशिश करती है। हमारी भी नजर है। जो होगा आगे इस किसान आंदोलन में हम नजर बनाए रखे हैं आप तक पहुचाते रहेंगे।