
Summary
जिन अल्फा ने सरकारी स्कूल की सुविधाओं को बहतर करने के लिए प्रोटेस्ट शुरू किया और सडके जाम कर दी टीचरों से ऐसे सवाल किये जिसके जवाब उनके पास नहीं थे।
“अपनी सिख्षा की लड़ाई आपको खुद लड़नी पड़ेगी।”From the report
जो लोग ये सवाल पूछते हैं कि आंदोलन और प्रोटेस्ट से इस देश को क्या मिलेगा, उन्हें जेनजी के बाद जेन अलफा के भी ये प्रोटेस्ट देखने चाहिए. देश के अलग-अलग कोनों से उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जैन अलफा ने सरकारी स्कूल की सुविधाओं को बहतर करने के लिए प्रोटेस्ट शुरू किया और सडके जाम कर दी टीचरों से ऐसे सवाल किये जिसके जवाब उनके पास नहीं थे इस सब का आसर ये हुआ कि 4 घंटे के भीतर जिन स्कूलों में बिजली नहीं थी, पंखा नहीं चल पाता था, उनमें सुधार की विवस्था 4 घंटे के अंदर शुरू हो गई। पाली में क्या-क्या आएगा आप खुद ही सोच लीजिएगा लेकिन आवाजों ने सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं में परिवर्तन लाने तो शुरू कि इस प्रोटेस्ट का इस आंदोलन का स्वागत होना चाहिए और इस देश के तमाम जन अल्फा और जनसी तेरी यही गुजारिश है कि अपनी सिख्षा की लड़ाई आपको खुद लड़नी पड़ेगी क्योंकि इस देश की सिख्षा व्यवस्था के हालात आपके सामने हैं। सरकारी स्कूल के बच्चों का दिल से शुक्रिया क्योंकि इन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए आवाज उठाई और उस आवाज का आसर है कि काम हुने लगा है।