
Summary
खड़गे का मनुस्पती से जुड़ा बयान सदन के रिकॉर्ट से हटा दिया जाएगा, बीजेपी सांसद सुधानशुर त्रिवेदी ने खड़के के दावों को चुनौती दी
“विपक्ष बृतिश काल से पहले का मूल ग्रंथ लाकर दिखाए और अपने दावों के सबूत पेश करें”From the report
आज संसद में एक नहीं दो-दो मोर्चे खुरे नजर आये। सुबह की शुरुवात हुई नीट पेपर लीक की मुद्दे से, लेकिन दिन का सबसे दिल्चस्ट मोड आये दुपहर बात, जब पेपर लीक बिल पर बहस के दोरान चर्चा गरुक अचानक से मुढ़ गया मनूस मृती के तरह मलिकार जुन खड़गे ने सिक्षा संस्थानों में वैचारिक दखल और शुद्रों के अधिकारों को लेकर एक बयान दिया जिस पर इतना विवाद हुआ कि सभापती को हस्तक्षिप करना पड़ा फिर इसके बाद जो हुआ वो किसी बहस से कम नहीं था जेपी रड़ा और सुधानशु त्रिवेदी ने खड़गे के दावों को चुनौती दी इतिहास और तत्यों का हवाला दिया तो कॉंगरिस की तरफ से भी जवाबी दलीले आएं तो आज संसत में क्या क्या हुआ राजसभा लोगसभा में किन मुद्धों पर बहस हुई वनुस्परती वाली बहस का क्या नदीजा निकला और टीमसी सांसत कल्यान बिनर जी छाती पर पोस्टर चिपकाए संसत के बाहर क्यों घूम रहे थे? सब बताएंगे समझाएंगे. नमस्ते मेरा नाम सौरप्त पाठी है आप देख रहे हैं संसत की बात. आज पहले राजसभा की बात करते हैं। ने बनाने का प्रस्ताव पहली बार 1992 में आया था जब कांग्रेज की सरकार थी लेकिन इसे पूरा करने का काम मोदी सरकार ने किया और उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष भी इसके लिए सरकार का आभार जताएगा कली लोगसभार ने करीब साथ घंटे नहीं नौ घंटे की बहस के बाद यह बिल पास किया था आज राजसभाव में पास हुआ देखिए नाशियों नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एंड पाइट नेक्स सेंटेंस इस अगेन बॉइंट टो एकसाइट सम आफ दी ऑनरेबल मेंबर्स फॉर द अधर साइड द आयनी इस द फर्स्ट पर नेशनल सेटिंग आप ए नेशनल एजेंसी केम वे बैक इन नाइटीन नाइटी टू ऑलवोस्ट थर्टी थ्री यहाँ बैक कि टॉप जरूर कांग्रेस गवर्नमेंट एडिसेंटर ए अब इन यूपीए टू इन टू थाउंड एंड अगेज वेरी स्ट्रांड सेजेक्शन फॉर वर्ड आफ दिक्वेटी सेट अब आईडेब के यूपीए टू सेट अब राशियों प्रेसिडेज बी ग्रेटफुल एंड थैंक प्राइम निस्टर राजस्तवा में आगे कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष किनेता मलिका जुन खड़के ने कहा कि बीते कुछ सालों में 152 परिक्षाओं के पेपर लीक हुए लेकिन आज तक किसी दोशी को सजा नहीं मिली। उन्होंने पूछा कि इतने बड़े पैमाने पर लीक होने के बावजूस सरकारी येंसिया क्या कर रही थी और दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट में जो लाठी चार्ज हुआ उसका जिम्मेदार कौन है देखिए बहस के दौरान एक दिल्चस पल भी आया जब खडगे बोल रहे थे तभी सभापती सीपी राजा कर्शनल ने उनसे पूछा है कि उन्हें बोलने के लिए और कितना समय चाहिए इस पर खडगे ने हलके फुल के अंदास में जवाब दिया कि सभापती जितना चाहें उतना समय पानों में मनुस्मृति को मानने वालों की संख्या बढ़ रही है जिसकी चलते शुद्रों से पढ़ने का अधिकार छीना जा रहा है और उन्होंने आगे कुछ ऐसे श्लोकों का उलेक किया जिनमें शुद्रों को वेद सुनने या बोलने पर सजा का जिक्र था और कहा कि नय स डालना है अच्छे वाइस चैंसलर आना है लेकिन उसमें एबी आ रहा है सिलेबस जो बदल रहे है आप उसमें एबी आ रहा है यह क्या है सूद्र के वेद पाठ सुनने पर सीसे और जस्ते से उनके कान भर दिये जाए कि वेद के अक्षर का उच्छारण करने से चार तो अच्छार का उच्छारण करने पर उसकी जीव काट ली जाए तथा वेद पर उसका शरीर का खड़गे की इस बयान पर मंत्री जेपी नड़ा ने तुरण टोकते हुए कहा कि ये बयान तत्यों से परेहे और इससे समाज में अशानती फैल सकती इसके बाद सभापती सीपी राधा कर्षनन ने हस्तक्षेप करते हुए एलान किया कि खड़गे का मनुस्पती से जुड़ा बयान सदन के रिकॉर्ट से हटा दिया जाएगा रास्वा के नियम 261 के तहट सभापत्ती को यादिकार होता है कि अगर कोई टिपड़ी सदन की गरिमा के खिलाफ लग रही है तो उसे कारिवाई से हटाये जा सकता है ऐसे हटाये गए शब्दों के नीचे लिखा जाता है कि ये सभापत्ती के आदेश पर हटाये गया है अब जब जिक्र मनुस्प्रति का हुआ तो तरकों की जंग भी शुरू हो गया। बीजेपी सांसद सुधानशुर त्रिवेदी ने खड़के के दावों को चुनौती थी। उन्होंने कहा कि विलियम जुन्स जो कलकता हाई कोड के जस्थ थे। 1790 Who were the Soudras जो से पहले कि किसी मूल ग्रंथ में इन बातों की जिक्र ना होने का दावा करते हुए खड़के से सुबूत मांगे देखिए बहस के इसी दौर में कांग्रेस सांसत प्रमोद तिवारी ने सदन में एक किताब दिखाते हुए कहा कि ये किताब मौजूदा सरकार के कारकाल में ही चपी है और आज भी प्रतिबंधित है और उन्होंने कहा कि अगर इसमें कुछ आपत्ती जरक है तो इसकी सिम्मिदारी बीते 12 साल में सत्ता में बैठी सरकार की ही बनती है लीडर आफ अपोजिशन ने सोयमेव नहीं बोला है एक स्टंपोर नहीं बोला है उन्होंने अपने समर्थन में परिमल प्रकाशन पबलिकेशन नाम है और ये किताब इनके कारकाल में छपी है चल रही है प्रतिबंधित नहीं है तो अगर ये दिखा रहें तो गलती इनकी है प्रमोथ तिवारी के पर बयान पर जेपी नडड़न पर अटवार करते हुए कहागे विपक्ष बृतिश काल से पहले का मूल ग्रंथ लाकर दिखाए और अपने दावों के सबूत पेश करें देखें प्रकार को अप्शिकर ने दिखांगे परिशा देने के लिए सैकड़ों क्लियोमेटर दूर जाते हैं और परिशा रद होना कोई अवसर नहीं बलकि सरकार की नाकामी है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीग के कारण 21 छात्रों ने अपनी जान गवाई और शांती पूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया गया। उस लिखें उस प्राणिक यूरोप उनके बच्चे तो इंडिया में पढ़ते ही नहीं है सर they have no skin in the game and they tell us about देश भक्ती when their children are studying all abroad that is why they don understand sir they lecture the rest of us on Desh Bhakti when their children are all studying abroad My son was fortunate sir Millions of children are not. Families sell land, they take loans, they send children hundreds of kilometers away. Children study 14 to 16 hours a day. Children ask the system for one thing, for One thing, a fair chance. Children are asking for a fair chance. No favours, no privileges. Now let's take you from Rajasthva to Lokasthva, where not much work was done today. At 12 o'clock in the afternoon, the protest started and the commotion rose. And the protest was stopped till 2 o'clock. But at 2 o'clock, the situation was just as it was. The protest was stopped again. At the end of the day, another incident came and that was the foreign minister. This video was already published by Raj Sabha and has now been passed by Lok Sabha. However, during this time there was a lot of commotion in the parliament, after which the speaker established the work of Lok Sabha for the whole day. But before that, BJP MP Sambit Patra said something, listen to that too. I am very happy to see that in this institution, how a legal protection can be given to the Bande Matram, how it can be protected so that our school children, our institutions, our people of India can show respect to the national song and national song without any obstacle. Today is a very big day for this. I am very sad to say that when there is a discussion on such a big bill, then you see the situation of the House. Those who do not understand the nation, they are calling out here today. Mr. Mohd. I would like to tell you that this assurance, This assurance was given by Dr. Rajendra Prasad ji in 1950 in the Constituent Assembly. The assurance was given that Jangana Mana and Vande Matram will both be sung in the same way. Both will get the same respect. Now let's take a look at what happened outside the parliament. TMC's Shansat Kalyan Banerjee kept on wearing the poster of the Bagi Shansat on his chest and kept on protesting. Meanwhile, he had an interesting conversation with Prerika Gandhi. Watch. Some people came to our house first and then came here. No, they won with our ticket. Your success only went in 2014. You didn't do anything in the village. What are you doing? Nothing. You didn't have to do anything. Two people went. They won with our ticket. They never got tickets from you to come to the parliament. But they were congressmen. We were also congressmen. I was the vice president of the youth congress.