
Summary
केंद्र सरकार के छात्रों पर वार के बाद, प्रदर्शनकारियों को लाठी चार्ज का सामना करना पड़ा। बाद में उन्हें मामले दर्ज किए गए। छात्रों की मांग थी कि कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए।
“केंद्र सरकार के छात्रों पर वार के बाद, प्रदर्शनकारियों को लाठी चार्ज का सामना करना पड़ा।”From the report
नमस्कार दवायर में आपका स्वागत है मैं हूं विनाक्षी शोहे बात भारत की भारत ने पिछले दिनों युवाओं का आंदोलन देखा, शिक्षा मंतरी के स्तीफी को लेकर लगबग महीने भर तक कौकरोज जनता पार्टी की अगवाई में विभिन छात्र दलों की लोग, विभिन छात्र देश के अलग-अलग कोनों से आय हुए युवा आंदोलन रथ थे जन्तरमंतर पर 20 जुलाई को संसच चलो का मार्च तो जो था उसका आवान हुआ था और वहाँ से जब लोग जा रहे थे जब प्रदेशन कारी जा रहे थे संसच की तरफ तो हमने देखी पुलिस की बरबरता पुलिस की निर्वम कारवाई जब प्रदर्शन चल रहा था तो सोनम वांगचुक के अलावा वाम दलों के कुछ चात्र भी अंशन पर बैठे थे उन चात्रों में से एक थी नेहा बुराव नेहा ने अंशन 23 वे दिन तोड़ा संसद मार्च से जस्ट पहले बाद में बहुत सारी ऐसे छात्रों को जो प्रदर्षन में शामिल थे, उन्हें तरह-तरह की कारवायों का सामना करना पड़ा। 25 25 और जिस तरहां का policy change जरूरी है, higher education के लिए, school education के लिए और खास तोर पर entrance exam जैसे NEET, JEE, वो क्या possible है इस तरह के आंदूलन के बाद आज शो में हम इस बारे में बात करेंगे, मेरे साथ बात करने के लिए मौजूद हैं आईसा की नेता नेहा बोला। नेहा आपका स्वागत है। मेरे साथ है दवायर की फाउंडिंग एडिटर सिधारत वर्गराजन। सिधारत आपका भी स्वागत है। लिखा सबसे पहला मेरा सवाल यही है, जितना जो जैसे स्तीफे की मांग थी, स्तीफा हुआ, कहागे compensation दिया जाएगा, वो अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन एक बड़ी मांग थी कि कोई कारवाई नहीं होगी protesters के खिलाब. लेकिन हमने देखा विपिन हराज्यों में, खासतौर पर बिहार, बंगाल, दिल्ली, इनमें लगातार जो प्रोटेस्ट में लोग गए थे, सवाल जवाब हो रहे हैं, सोशल मीरिया की पोस्ट खंगाली जा रही हैं, लोगों को नोटस मिल रहे हैं, महराष्ट में भी ऐसा देखा गया. प्रोटेस्टर के खिलाफ वादा खिलाफी का ये जो वादा खिलाफी है वहाँ दिखायें आप रिपेर आपको न कहते हैं कि हमने केवल उनके खिलाफ मुकदमे रखे हैं जिनके खिलाफ निजी लोगों ने मुकदमे दर्श कराए थे या फिर जो लोग के पीछे से या पहले के कोई अपरादों के मामले उनके उपर दर्ज हैं नीजी और कोई नहीं है वह चुके लोग हैं कमरित संदीप सौरव जो एमिले है पाली कंच के उनके खिलाफ जो मामले बने हैं वह इसी तरीके से भाजपा के नेता ने कि हाला कि उनको कल बेल कल वह रिलीज हो गए जेल से और बाकी आई थिंग मजॉरिटी उफ द चुड़िंग्स डॉरेस्टेड थे चाहे वह सेवान में हो बेवर जेल में बंद हो या बाकी जगह पर हो वह रिलीज हो गए हैं और फिर और फिलहाल जो पता चल रहा है रिलीज हो जाएंगे स्टूडेंस और जिसमें सबसे ज्यादा ट्रिकी हमको जो लग रहा था वो संदीप सौरफ का ही लग रहा था कि उनके उपर attempt to murder जैसे charges लगाये हुए थे भाजपा के एक नेता के कहने पे तो लेकिन उनका भी release हो गया है jail से तो फिलहाल हमें लग रहा है कि जो build up हो रहा था वहां पर स्टूडेंस का प्रेशर भी हार में स्पेसिफिकली क्योंकि 30 जुलाय का हमारा एक कॉल था डाट इज वर्किंग ना फेवर लीगली भी हमारे लॉयर्स लगे हुए थे पहले दिन से डाट इज ऑल्टर वर्किंग ना फेवर सूबी हार एवं ना और ó इसलिए कि वहां के जो प्रोटेस्टर्स हैं वह रिलीज हो गए है बंगाल में भी कुछ रिलीज हुए हैं कोर्ट से that is a matter of concern representative वो उसमें mentioned था कि NDA शासित राज भाजपा शासित राज्यों में नहीं होगी कारवाई बंगाल उसका एक स्टार्क एग्जांपल है कि ऐसा नहीं हो रहा है 16 लोग वहां पर अरेस्टेड हैं जिसमें मॉजॉरिटी मुस्लिम स्टूडेंट है तो यह एक बहुत बड़ा कंसर्न तो हमारे लिए है इन फैक्ट हम तो यह भी नहीं कह रहे हैं कहीं पर कि मूवमेंट खत्म हो गया है क्योंकि इस तरीके का प्रोसेक्यूशन इस वक्त चल रहा है मोहमद जुनैद जो जंतरमंतर पर शामिल थे प्रोटेस्ट में जी खाना डिस्ट्रिब्यूट कर रहे थे उनके फामिली को जब पुलिस का मन चल रहा है उठा ले रहे हैं मेरट में लोनी में अलग-अलग जगहों पर और कह रही है कि मुहमद जुनेश जब आएंगे तब छोड़ा जाएगा तो कल उनसे हम मिले तो उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस के तरफ से यह इंटिमिडेशन पिछले कुछ दो तीन दिनों में तो नहीं हुआ है अब उनके पास एक रोबस्ट लीगल टीम भी है तो आइटिंग डाट इज ऑल्सएप रीजन सुप्रीम कोर्ड भी गए हैं तो यह सब कुछ चीजें है उनकी तरफ से एक अटेंट रहा है पहले तो इस तरीके का मास रिप्रेशन करने का और दूसरा यह जो जंतरमंतर पर एक आंकड़ा प्रेजेंट कर रहे हैं कि 28 से ज्यादा स्टूडेंट्स के इनके पास डिटेल्स है जिनके ऊपर पहले से कोई मुकदमेदर्ज थे तो सिंपल सी बात है अगर आपके पास 2800 लोगों का डाटा था आप इंतजार क्यों कर रहे थे कि एक बड़ा प्रोटेस्ट होगा जिसमें वह