
Summary
शिक्षा मंतरी का स्तीफा हो गया जंतर मंतर पर जश्न भी मना जैनजी की वो भीड जो 36 दिनों से सड़क पर डटी थी अब अपने अपने घर लोट गई है लेकिन उस दिन जब मैं जंतर मंतर से reporting करके वापस लोट रही थी तो मेरे मन में बार-बार एक सवाल उठ रहा था वो ये कि क्या एक स्तीफे के बाद सब कुछ बदल जाएगा
“क्या एक स्तीफे के बाद सब कुछ बदल जाएगा”From the report
शिक्षा मंतरी का स्तीफा हो गया जंतर मंतर पर जश्न भी मना जैनजी की वो भीड जो 36 दिनों से सड़क पर डटी थी अब अपने अपने घर लोट गई है लेकिन उस दिन जब मैं जंतर मंतर से reporting करके वापस लोट रही थी तो मेरे मन में बार-बार एक सवाल उठ रहा था वो ये कि क्या एक स्तीफे के बाद सब कुछ बदल जाएगा हाँ accountability तै हुई है ये अच्छी बात है लेकिन क्या भारत में पेपर लीक हमेशा के लिए रुक जाएंगे कम से कम उम्मीद तो यही है आज पहली बार अस्पता सिच्छा ववस्ता के उपर में हम प्लाटस्ट कर रहे हैं और ये बहुत बड़ी बात है लेकिन क्या अगली नीट सस्सी रेलवे या फिर देश का हर अगला कमपेटिटिव एग्जाम अब पूरी तरह सुरक्षित होगा मैं पढ़ नहीं पाया और मैं यहां इसलिए आया हूँ कि मैं आगे जो लोग रह गए मेरे पीछे वो पढ़ेंगे वो हर बात जानेंगे जो मैंने नहीं जान पाई क्योंकि पेपर लीग किसी एक मंतरी अधिकारी या सरकार की कहानी तो है नहीं ये उस पूरे सिस्टम की नाकामी है जिसमें क्वेश्चन पेपर बनने से लेकर परिक्षा हॉल तक पहुँचने के सफर में दरजनों लोग शामिल होते हैं और कई बार सिर्फ एक बेहिमान इंसान करोडों छात्रों की मेहनत, उम्मीद और फरोसे को बरबाद कर देता है