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Summary
एक जंतरमंतर अब झारखंड का राची भी बन चुका है दिल्ली में जिस तरह हदारों अभ्यर्थी पेपर लीक और भरती गोटालों के खिलाब जंतरमंतर पर जुटे थे अब वैसी ही तस्वीर झारखंड की राजधानी राची से दिखाई दे रही है फर्क सिर्फ और अब आंदोलन कारियों ने 6 अगस्त को विधान सभा कूच का एलान कर दिया है
“जब तक भर्ती प्रक्रिया में परदर्शिता नहीं आती जब तक परिक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होता है और जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता तब तक यह आंदोलन खत्म नहीं होगा”From the report
एक जंतरमंतर अब ज्जारखंड का राची भी बन चुका है दिल्ली में जिस तरह हदारों अभ्यर्थी पेपर लीक और भरती गोटालों के खिलाब जंतरमंतर पर जुटे थे अब वैसी ही तस्वीर ज्जारखंड की राजधानी राची से दिखाई दे रही है फर्क सिर्फ और अब आंदोलन कारियों ने 6 अगस्त को विधान सभा कूच का एलान कर दिया है यानि अब लड़ाई सिर्फ सडकों तक सीमित नहीं रहेगी अब सीधे सत्ता के दरवाजे पर पहुँचने वाली है सबसे दिल्चस बात यह है कि मौसम भी सांदोलन का होसला नहीं तोड़ पा रहा बुदवार को राची में मूसलादार बारिश हुई सडके भीगी लोग छतों और दुकानों के नीचे खड़े हो गए लेकिन प्रदर्शन कारी वो नहीं रुके कोई हाथ में छाता लेकर चला, कोई भीकते हुए नारे लगाता रहा, कोई तिरंगा लेकर आगे बढ़ा, बारिश थंती रही या न रही लेकिन छात्रों का गुस्सा नहीं थमा यही से समझ आता है कि अब सिर्फ एक दिन का विरोध नहीं है यह सरव्स करने का साफ कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में परदर्शिता नहीं आती जब तक परिक्षा प्रणाली में जारखण में सुधार नहीं होता है और जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता तब तक यह आंदोलन खत्म नहीं होगा और इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत भी सामने आने लग गई है यह विरोध अब किसी एक चातर संगठन तक सीमित नहीं रहा जब प्यज के अभिहरती है जेश के अभिहरती है आश्रू छात्र संक्रीप मैदान में अलग-अलग जिलों से छात्र राची पहुंच रहे हैं कई नीजी कोचिंग संस्थान भी समर्थन में उत्तर हैं यानी जो आवाज कुछ छात्रों से शुरू हुई थी अब पूरे राज्य की युवाओं की आवाज बनती जा रही है